सीएम देवेंद्र फडणवीस (कॉन्सेप्ट फोटो)
नागपुर: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि झुड़पी जंगल के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया निर्णय ऐतिहासिक व क्रांतिकारी है। यह विकास व पर्यावरण में संतुलन रखने वाला है। इस निर्णय से विदर्भ विकास को गति मिलेगी और नागपुर में झोपड़पट्टी धारकों को मालकी हक के पट्टे देने का मार्ग भी साफ हो गया है। वे नागपुर में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
सीएम फडणवीस ने कहा कि बीते 45 वर्ष से विदर्भ के लिए संघर्ष कर रहे थे जिसे अब बड़ी सफलता मिली। जिस समय महाराष्ट्र राज्य की स्थापना हुई और विदर्भ व सीपी एंड बेरार इसमें शामिल हुआ उस समय राजस्व के रिकॉर्ड में झुड़पी लिख दिया गया था। मध्य प्रदेश ने अपने रिकॉर्ड को दुरुस्त किया लेकिन यहां 1980 के कानून में इसे जंगल का दर्जा मिला जिसके चलते विदर्भ का विकास थम गया था।
सीएम ने बताया कि नागपुर रेलवे स्टेशन व हाई कोर्ट की इमारत भी पुराने रिकॉर्ड में झुड़पी जंगल था। विकास व सिंचाई प्रकल्प भी बड़ी संख्या में लटके थे। सबसे महत्वपूर्ण हमारी मांग थी कि झोपड़पट्टी धारकों को मालकी हक के पट्टे देने के लिए छूट दी जाए। इसमें तकिया, चूनाभट्टी, जयताला के रमाबाई आंबेडकर नगर, एकात्मता नगर, वाडी का आंबेडकर नगर ऐसे अनेक झोपड़पट्टी हैं जिन्हें मालकी हक के पट्टे नहीं मिल रहे थे। अब वे दिए जा सकेंगे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि वर्ष 2014 से 2019 के कार्यकाल में एक समिति गठित कर उसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सादर की थी। फिर सुको ने एक सीईसी तैयार की थी। सरकार की रिपोर्ट को एक प्रकार से सुको ने स्वीकार किया है। इस निर्णय से 70 से 80 हजार एकड़ पर जंगल तैयार करना होगा। विकास व पर्यावरण संतुलन साधने वाला यह ऐतिहासिक व क्रांतिकारी निर्णय है।
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छत्तीसगढ़ में बसवराजू सहित 27 नक्सलियों के खात्मे पर फडणवीस ने कहा कि नक्सलवाद अब अंतिम दिन गिन रहा है। छत्तीसगढ़ में बसवराजू बड़ा नक्सली नेता था। करोड़ों रुपये का इनाम उस पर था। चंद्राबाबू नायडू पर हमला, 75 सीआरपीएफ जवानों की मौत सहित छग के अनेक नेताओं की हत्या में वह आरोपी था। हमारे सुरक्षा बलों ने उसका खात्मा किया। नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का संकल्प है।