देवलापार पंचायत में बड़ा स्कैंडल! सरपंच और 6 सदस्य 6 साल के लिए अयोग्य घोषित
Devlapar Gram Panchayat Corruption: देवलापार ग्राम पंचायत के सरपंच और 6 सदस्यों को ई-टेंडर नियमों का उल्लंघन करने पर आगामी 6 वर्षों के लिए अयोग्य घोषित किया गया।
- Written By: प्रिया जैस
देवलापार ग्राम पंचायत न्यूज
Devlapar News: देवलापार ग्राम पंचायत के सरपंच और छह सदस्यों को एक साथ अयोग्य घोषित किए जाने से स्थानीय राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। मासिक बैठक में ग्राम सभा द्वारा लिए गए निर्णय को बदलना उन्हें भारी पड़ गया। अयोग्य घोषित किए गए सदस्यों में सरपंच सारिका विनोद उइके, सदस्य रामरतन मोतीराम गजभिये, प्रमोद नामदेव कुमरे, लक्ष्मण हरि राऊत, सुधाकर जादू भलावी, मोनिका मधुकर पोहरे, रंजना यादवराव वरठी शामिल हैं।
उपसरपंच विनोद शिवलाल मसराम, सदस्य प्रणाली जितेंद्र सरोदे और शिल्पा मुकेश पेंदाम ने इस संबंध में आवेदन दिया था। गांव में गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य सुनिश्चित करने के लिए उपरोक्त आवेदकों ने 31 अगस्त 2023 की ग्राम सभा में यह मुद्दा उठाया था कि प्रस्ताव क्रमांक 7 के अनुसार कार्य बी-1 यानी ई-टेंडर के माध्यम से कराए जाएं। सभी ने इस पर सहमति व्यक्त की। 21 सितंबर 23 को मासिक बैठक में, अपात्र सदस्यों ने विकास कार्य की ई-टेंडरिंग किए बिना बी-2 में काम करने का निर्णय लिया।
अतिरिक्त आयुक्त ने दिया निर्णय
इस समय, आवेदक सदस्यों पर विचार नहीं किया गया। साथ ही, ग्राम पंचायत अधिकारी ने यह नहीं बताया कि यह गलत था। आवेदकों ने शिकायत की कि यह कृत्य गलत था। लेकिन कई बार इस पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की गई। इसके अलावा, प्रस्ताव के साथ छेड़छाड़ करके अन्य सामग्री सहित बिना प्रस्ताव के पैसे देने जैसे कई आरोप लगाए गए थे।
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15 अक्टूबर के आदेश के अनुसार, अतिरिक्त आयुक्त डॉ. माधवी खोडे ने यह निर्णय दिया। उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश भी दिया। इसमें, उपरोक्त सदस्यों को ग्राम पंचायत अधिनियम 1959 की धारा 39 (1) के तहत आगामी छह वर्षों के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।
