नागपुर में विकास या विनाश? प्रतापनगर में 2 साल से अधूरी सड़क बनी डेथ ट्रैप, बारिश से कीचड़ में फिसल रहे वाहन
Nagpur Road Construction: नागपुर के प्रतापनगर में दो साल से अधूरा सड़क निर्माण और हालिया बारिश के बाद खराब हालात से नागरिकों, व्यापारियों और वाहन चालकों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतापनगर, सड़क निर्माण, मानसून,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Nagpur Road Construction Traffic Issue: नागपुर में मानसून के पहले शहर के अनेक इलाकों में जारी निर्माण कार्य लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। इसमें प्रतापनगर जैसे मुख्य इलाके भी शामिल हैं। प्रतापनगर से शास्त्री लेआउट जाने वाला मार्ग राहगीरों, वाहन चालकों, स्थानीय निवासियों समेत व्यापारियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
अशोक कॉलोनी यूनियन बैंक से नाले तक के भाग का जारी सड़क निर्माण कार्य लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस मार्ग के सीमेंटीकरण का कार्य 2 वर्ष से ज्यादा समय बीतने पर भी पूरा नहीं हो पाया। हाल ही में हुई बारिश से न केवल वाहन मिट्टी में फंसकर फिसल रहे हैं बल्कि आवागमन में राहगीरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मार्ग में एक भाग पर यातायात का बोझ बढ़ने और स्ट्रीट लाइटें बंद होने से इस मार्ग पर दुर्घटनाएं हो रही हैं। हाल ही में कार व दोहपहिया वाहन में भिड़ंत होने पर दोपहिया चालक का पैर फैक्चर हो गया था। ऐसी घटनाएं आए दिन हो रही हैं लेकिन प्रशासन इस ओर गंभीरता नहीं बरत रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र को केंद्र से 7,022 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता, विकास परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
नागपुर मनपा आयुक्त को हाई कोर्ट से बड़ी राहत: आदेश के अनुपालन के बाद अवमानना याचिका का निपटारा!
अमरावती: Skill Center में 360 फर्जी छात्रों के नाम पर सरकारी फंड की निकासी, बेरोजगार युवाओं से धोखाधड़ी
गोमूत्र पर वैज्ञानिक बोले तो दुनिया में उड़ेगा मजाक! शरद पवार गुट के नेता ने किया प्रियंका गांधी का समर्थन
जनप्रतिनिधियों ने साधी चुप्पी
एक ओर प्रतापनगर के रहवासी भारी परेयानियों का सामना कर रहे हैं, तो दूसरी ओर जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे बैठे हैं। लोगों का कहना है कि कोई भी जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर आवाज नहीं उठा रहा है। यदि जनप्रतिनिधियों से संपर्क करने का प्रयास किया जाए तो उनका फोन ‘नॉट रीचेबल’ आता है। ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि जनता की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करें।
रात के वक्त अधिक खतरा
लोगों ने बताया कि यहां की स्ट्रीट लाइटें भी बंद पड़ी हैं। ऐसे में रात के वक्त अंधेरा रहने से स्थिति और भी भयावह हो जाती है। मार्ग पर 2 स्कूल होने से यहां पढ़ने वाले हजारों छात्रों की जान पर भी संकट मंडरा रहा है।
यह भी पढ़ें:-नागपुर ऑरेंज सिटी स्ट्रीट विवाद: कटे पेड़ के बदले 1 km के दायरे में ही लगाने होंगे पौधे, अदालत की अहम टिप्पणी
अशोक कॉलोनी, त्रिशरणनगर, मिलिंदनगर, खामला, अग्ने लेआउट, चांगदेवनगर सहित अनेक बस्तियों तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। मार्ग पर मिट्टी फैली होने से स्थिति बद से बदतर हो गई है। लोगों ने नागपुर मनपा आयुक्त से मांग की है कि सड़क निर्माण का कार्य जल्द से जल्द पूरा करायें।
