अमरावती: Skill Center में 360 फर्जी छात्रों के नाम पर सरकारी फंड की निकासी, बेरोजगार युवाओं से धोखाधड़ी
Skill Development Scam: अमरावती के दर्यापुर में बिना प्रशिक्षण दिए 360 छात्रों का फर्जी पंजीकरण दिखाकर ₹34.57 लाख की सरकारी राशि निकाली गई। जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
अमरावती में कौशल विकास घोटाला (सोर्स: AI)
Amravati Skill Development Scam: अमरावती जिले के दर्यापुर में कौशल विकास के माध्यम से राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार की मुख्य धारा में लाने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना कुछ संस्थाओं की कथित धांधली के कारण बदनाम हो रही है।
नागपुर की पुष्पांचल फाउंडेशन नामक संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे कौशल विकास योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कैसे खुली पोल?
मामले की गंभीरता को देखते हुए अमरावती के उपायुक्त दत्तात्रय लक्ष्मण ठाकरे ने दिसंबर 2025 में उक्त प्रशिक्षण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वहां न तो कोई प्रशिक्षक मिला और ना ही कोई विद्यार्थी। इसके बाद निष्पक्ष जांच के लिए मामला यवतमाल के उपायुक्त को सौंपा गया। उनकी जांच रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ कि वहां प्रत्यक्ष रूप से कोई प्रशिक्षण चल ही नहीं रहा था।
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जांच रिपोर्ट में साफ उल्लेख किया गया है कि बिना प्रशिक्षण दिए सरकारी फंड का उठाव किया गया, जिससे रोजगार की आस लगाए बैठे दर्जनों शिक्षित बेरोजगार युवाओं के साथ धोखाधड़ी हुई है। आशंका जताई जा रही है कि इस संस्था द्वारा अन्य स्थानों पर भी इस तरह का फर्जीवाड़ा किया गया हो सकता है।
यह है मामला
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की कौशल विकास प्रशिक्षण योजना के तहत जिले की दर्यापुर तहसील के लोतवाडा स्थित स्व. बालाभाऊ काले स्किल सेंटर में 15 से 45 आयु वर्ग के लगभग 480 युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई थी। हालांकि आरोप है कि वास्तव में कोई प्रशिक्षण दिए बिना ही 360 विद्यार्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण दिखाकर फर्जी तरीके से प्रशिक्षण संचालित होना दर्शाया गया। इसी आधार पर सरकार से 34 लाख 57 हजार रुपये की पहली किस्त संबंधित संस्था के खाते में ट्रांसफर करवा ली गई।
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अब आगे क्या होगा?
उपायुक्त दत्तात्रय ठाकरे द्वारा विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद, राज्य सरकार के आदेश पर येवदा पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच थाना प्रभारी प्रफुल्ल गाडेकर के मार्गदर्शन में जारी है। पुलिस जांच में इस पूरे गठजोड़ और फर्जीवाड़े के पीछे की पूरी कड़ी का पर्दाफाश होगा।
