नागपुर ऑरेंज सिटी स्ट्रीट विवाद: कटे पेड़ के बदले 1 km के दायरे में ही लगाने होंगे पौधे, अदालत की अहम टिप्पणी

Nagpur Tree Plantation: नागपुर के ऑरेंज सिटी स्ट्रीट प्रकल्प में पेड़ों की कटाई पर HC ने कहा कि काटे गए पेड़ों के बदले पौधारोपण उसी क्षेत्र के आसपास किया जाए, ताकि स्थानीय पर्यावरण प्रभावित न हो।
Nagpur 'Orange City Street' Dispute: Court's significant observation—saplings must be planted within a 1 km radius to compensate for felled trees.
नागपुर ऑरेंज सिटी स्ट्रीट विवाद (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Orange City Street: नागपुर वर्धा रोड से लेकर 5.5 किलोमीटर लंबा तैयार हो रहा ऑरेंज सिटी स्ट्रीट (लंदन स्ट्रीट) प्रकल्प मामले में फिलहाल पेड़ों की कटाई को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान विकास कार्यों के नाम पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और उसके एवज में किए जाने वाले 'पौधारोपण' पर न्यायालय ने एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा निर्देश जारी किया है।

अदालत ने स्पष्ट किया है कि काटे गए पेड़ों के बदले लगाए जाने वाले पौधे उसी इलाके के आसपास लगाए जाने चाहिए, ताकि स्थानीय पर्यावरण और हवा की गुणवत्ता प्रभावित न हो।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि शहर के पेड़ काटकर दूर किसी इलाके में 5 या 10 गुना ज्यादा पौधे लगाने का तर्क उचित नहीं है, क्योंकि स्थानीय वायु गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। सुनवाई मैं यह सुझाव भी सामने आया कि एक न्यायिक आदेश के जरिए नए पौधे लगाने की सीमा को उसी स्थान के 1 किलोमीटर के दायरे तक सीमित कर दिया जाए जहां से पेड़ काटे जा रहे हैं।

पेड़ दूर लगाने के तर्क पर कोर्ट की कड़ी आपत्ति

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि जो 10,000 पेड़ लगाने का दावा किया जा रहा है वे उस इलाके से काफी दूर लगाए गए है जहां से पेड़ काटे जाने है।

अदालत ने अपनी सख्त टिप्पणी में कहा कि यदि नए पेड़ बहुत दूर लगाए जाते हैं तो उसे वास्तविक अर्थों में पौधारोपण नहीं माना जा सकता क्योंकि इससे उस विशेष इलाके के लोगों को कोई लाभ नहीं मिलेगा, कोर्ट ने चिता जाहिर की कि किसी क्षेत्र विशेष से बड़ी संख्या में पेड़ों के कटने से वहां की वायु गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित होगी।

ट्री ऑफिसर को दिए सख्त निर्देश

स्थानीय पर्यावरण को बचाने के लिए अदालत ने ट्री ऑफिसर (वृक्ष अधिकारी) और ट्री अथॉरिटी को तत्काल प्रभाव से निर्देश दिया है कि वे मौके का निरीक्षण करें और काटे जाने वाले पेड़ों के आसपास (आदर्श रूप से 1 किलोमीटर के दायरे में) उन जगहों की पहचान करें जहां नए पौधे लगाए जा सकते हैं। अदालत ने कहा कि अधिकारी छोटी सी जगह (जैसे 2x2 का स्थान) भी चिन्हित करें और उसकी रिपोर्ट दें। ट्री अथॉरिटी को यह भी स्पष्ट करना होगा कि चिन्हित किए गए किसी विशेष स्थान पर कितने पेड़ लगाए जा सकते हैं।

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