

Highlights
दीक्षाभूमि में 70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के लिए सुरक्षा व्यवस्था की योजना तैयार की जा रही है।
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने चोरी रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।
शिकायतों के निवारण और लापता बच्चों व व्यक्तियों की तलाश के लिए अलग-अलग कक्ष बनाने की योजना है।
स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली व्यवस्था और हेल्पलाइन को प्रभावी रखने के निर्देश दिए गए।
Vishwas Nangre Patil Nagpur Police: दीक्षाभूमि में आयोजित 70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस समारोह के मद्देनजर पुलिस और प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह तैयार हो गया है। इस दौरान चोरी या किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुख्ता नियोजन कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अनुयायियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बंदोबस्त की सूक्ष्म योजना तैयार करने का निर्देश पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने संयुक्त बैठक में दिया।
बैठक में मनपा आयुक्त विपिन इटनकर, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, पुलिस उपायुक्त ए. ऋषिकेश रेड्डी, संदीप पखाले, अपर जिलाधिकारी प्रवीण महिरे, निवासी उपजिलाधिकारी अनूप खांडे, मनपा के अतिरिक्त आयुक्त मिलिंद मेश्राम तथा समाज कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त सुकेशिनी तेलगोटे सहित विभिन्न समितियों के प्रमुख उपस्थित थे।
उन्होंने पुलिस बंदोबस्त की वैज्ञानिक और व्यवस्थित योजना तैयार करने, यातायात प्रबंधन के लिए उचित नियोजन के निर्देश दिये।
मनपा आयुक्त विपिन इटनकर ने निर्देश दिए कि विभिन्न निर्वहन करें, दीक्षाभूमि में आयोजित 70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस समारोह के मद्देनजर पुलिस और प्रशासनिक तंत्र आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त मनुष्यबल उपलब्ध कराया जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें। अनुयायियों की सुविधा के लिए समता सैनिक दल के साथ विद्यार्थियों का भी सहयोग लिया जाए।
जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने निर्देश दिए कि धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के दौरान दीक्षाभूमि परिसर में स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली व्यवस्था और हेल्पलाइन प्रभावी ढंग से कार्यरत रहे।
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों की तैनाती का भी नियोजन किया जाए। किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी विभाग सतर्क रहे।
बताया गया कि शिकायतों के निवारण के लिए कक्ष के साथ ही लापता व्यक्तियों और बच्चों की तलाश के लिए अलग कक्ष बनाया जाएगा। इसके अलावा अनुयायियों को मिलने वाली लावारिस वस्तुएं जमा करने के लिए भी स्वतंत्र व्यवस्था की जाएगी।