भाजपा में शामिल नेता (सौजन्य-नवभारत)
Congress Leaders Resign: नगर परिषद व नगर पंचायत के नामांकन की अंतिम तारीख के ठीक एक दिन पूर्व जिले में कांग्रेस को 2 बड़े झटके लगे। पार्टी से आउटगोइंग का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब कांग्रेसी विचारधारा परिवार के दो दिग्गजों ने पार्टी छोड़ दी। मौदा के प्रसन्ना तिड़के अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा में प्रवेश ले लिया।
वहीं दूसरी ओर कामठी के पूर्व नगराध्यक्ष शाहजहां शफाअत उर्फ साजा सेठ ने राष्ट्रवादी अजीत पवार गुट की घड़ी हाथ में बांध ली। दोनों ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया जिससे मौदा व कामठी में नगरपालिका चुनाव का परिदृश्य ही बदल गया है। नाना पटोले और हर्षवर्धन सपकाल की कार्यकारिणी में शामिल तिड़के के अचानक भाजपायी हो जाने से हड़कंप मच गया है।
उनके पिता बाबूराव तिड़के निष्ठावान कांग्रेसी हैं। वे खुद अनेक वर्षों से कांग्रेसी विचारधारा पर चलकर पार्टी के लिए जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्होंने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के कोराडी स्थित जनसंपर्क कार्यालय में बीजेपी में प्रवेश किया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक टेकचंद सावरकर, मंडल अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे। तिड़के के साथ कांग्रेस के दिलीप सिरसाम, कल्पना मानकर, पूर्व नगरसेविका नंदा इनवाते, सावित्री काटकर, वर्षा लारोकर, नाना इंगले, राजेंद्र जायसवाल, पृथ्वीराज गूजर, नितेश सुपारे, धर्मराज निमजे, संजय तायवाडे सहित अनेक पदाधिकारी भाजपा में चले गए।
बीते चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर शाहजहां शफाअत उर्फ साजा सेठ ने भाजपा को करारी शिकस्त देते हुए नगराध्यक्ष चुनाव में जीत हासिल की थी। इस बार भी कांग्रेस की ओर से उन्हें ही टिकट देने की चर्चा जोरों पर थी। साथ ही पूर्व नगराध्यक्ष व कांग्रेस महासचिव शकूर नागानी का नाम भी चल रहा था। अचानक साजा सेठ ने महायुति सरकार में शामिल राकां अजीत पवार गुट में प्रवेश कर लिया।
यह भी पढ़ें – अपने ही रंग में…संडे नाइट धमाका! श्रेया घोषाल का लाइव कॉन्सर्ट ‘हाउसफुल’, हजारों दर्शक रह गए बाहर
चर्चा यह भी थी वे भी भाजपायी होने वाले हैं लेकिन उन्होंने राकां की घड़ी पहनकर कांग्रेस को तगड़ा झटका दे दिया। उनका पार्टी प्रवेश राकां राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रफुल पटेल, जिलाध्यक्ष राजाभाऊ टाकसाले व अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। उनके सैकड़ों समर्थकों ने भी कांग्रेस का हाथ छोड़कर अजीत पवार की घड़ी पहन ली।