69वें अखिल भारतीय पुलिस कर्तव्य मेले का उद्घाटन (सौजन्य-नवभारत)
69th Police Duty Meet 2026: शासन और पुलिस का मूल उद्देश्य जनता की सेवा करना है। यह बात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को 69वें अखिल भारतीय पुलिस कर्तव्य मेले के उद्घाटन अवसर पर कही। पुलिस लाइन टाकली स्थित पुलिस हेडक्वार्टर के शिवाजी मैदान में आयोजित उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की पुलिस देश में सबसे अधिक प्रोफेशनल मानी जाती है। यह हमारे लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काल में बनाए गए आपराधिक कानून शासन करने के उद्देश्य से थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इन कानूनों में बदलाव कर उन्हें जनसेवा के अनुरूप बनाया गया है। इससे देश में पुलिस व्यवस्था और आपराधिक न्याय प्रणाली अधिक व्यवस्थित हुई है तथा नागरिकों को त्वरित और न्यायपूर्ण निर्णय मिल रहे हैं।
इस दौरान वित्त एवं नियोजन राज्य मंत्री एड. आशीष जायसवाल, सांसद श्यामकुमार बर्वे, पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते तथा नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ। रविंद्र सिंगल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि देश के विकास में कानून और व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। जब भी देश के सामने चुनौतियां आई हैं, पुलिस विभाग ने तत्परता से प्रतिक्रिया देकर शांति और सुरक्षा बनाए रखने में अहम योगदान दिया है। किसी भी राज्य की पुलिस हर आपातकाल में पहला योद्धा होती है। उन्होंने कहा कि इस कर्तव्य मेले का आयोजन महाराष्ट्र और विशेष रूप से नागपुर को मिलना गर्व की बात है क्योंकि इस आयोजन की शुरुआत भी 1959 में नागपुर से ही हुई थी।
इस मेले में अपराध जांच के पेशेवर कौशल, न्याय वैज्ञानिक विज्ञान, कंप्यूटर प्रणाली और श्वान प्रशिक्षण जैसे विषयों पर चर्चा, परिसंवाद और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर कार्यपद्धतियों का आदान-प्रदान होगा, जिससे आम नागरिकों को न्याय देने की प्रक्रिया और अधिक तेज एवं प्रभावी बनेगी।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र पुलिस ने बदलते अपराधों की चुनौतियों का सामना करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। राज्य पुलिस बल देश के सबसे आधुनिक और पेशेवर बलों में शामिल है। राज्य पुलिस के पास देश की सर्वश्रेष्ठ साइबर लैब है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर अपराध जांच में अग्रणी भूमिका निभाई जा रही है। इस मेले के माध्यम से राज्य की कार्यप्रणालियों को अन्य राज्यों तक पहुंचाने के साथ-साथ उनसे सीखने का भी अवसर मिलेगा।
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यह पुलिस कर्तव्य मेला 3 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इसमें 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों के कुल 1,327 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भाग ले रहे हैं।
146 प्रशिक्षित श्वान भी इस आयोजन का हिस्सा हैं। उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न राज्यों और केंद्रीय बलों के अनुशासित पथसंचलन से हुई। इसमें मेजबान महाराष्ट्र के अलावा आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित कई राज्यों के पुलिस बल भाग ले रहे।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री समेत विभिन्न राजनेताओं की सुरक्षा में तैनात एसपीजी की टीम के अलावा सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, इंडो-तिब्बतन बॉर्डर फोर्स, रेल सुरक्षा बल और विशेष सुरक्षा समूह ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया।