सीएम के देखकर लौटते ही मासूम की गई जान, बच्चों की मौतों पर CM मोहन यादव ने पल्ला झाड़ा
Toxic Cough Syrup के सेवन के बाद एक के बाद एक 15 से अधिक बच्चों की मौत के बाद मध्य प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। पहले उपमुख्यमंत्री के बाद गुरुवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव नागपुर पहुंचे
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर पहुंचे सीएम मोहन यादव (सौजन्य-नवभारत)
CM Mohan Yadav: नागपुर के शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल के बाल रोग विभाग के डॉक्टरों की पिछले 2 सप्ताह से सक्रियता बढ़ गई। आईसीयू में कार्यरत डॉक्टर अपने विभाग प्रमुख को अपडेट दे रहे थे। वहीं विभाग प्रमुख अधिष्ठाता को सतत जानकारी दे रहे थे क्योंकि आईसीयू में जहरीला सिरप का डोज लेने वाले मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के बच्चों को भर्ती किया गया था।
गुरुवार को एकमात्र मासूम वेंटिलेटर पर था। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव दोपहर करीब 3.45 बजे मेडिकल आये। बच्चे को देखकर उनके परिजनों से भी मिले। मुख्यमंत्री के लौटने के कुछ देर बाद 1 वर्षीय मासूम ने भी दम तोड़ दिया। इसके साथ ही मेडिकल में अब तक 10 बच्चों की मौत हो गई।
डॉक्टर्स ने की पूरी कोशिश
मेडिकल के अधिष्ठाता डॉ. राज गजभिये ने बताया कि विभाग के डॉक्टरों के गहन चिकित्सा और विश्लेषण की वजह से ही सिरप से मौत का कारण उजागर हो सका। यदि बच्चों की मौत के बारे में वैद्यकीय विश्लेषण नहीं किया जाता तो और बच्चे प्रभावित हो सकते थे। डॉक्टरों ने सभी बच्चों को बचाने की भरपूर कोशिश की लेकिन सिरप का असर शरीरभर में फैलने से सफलता नहीं मिल सकी।
सम्बंधित ख़बरें
BJP के प्रशिक्षण वर्ग में बस से पहुंचे CM मोहन यादव, हेलीकॉप्टर छोड़ ईवी ट्रैवलर से किया सफर
MP News: पुलिस का बड़ा ब्लंडर, जिस बेटी की ‘हत्या’ में पिता-भाई को भेजा जेल; वो जिंदा लौट आई
MP News: नर्मदापुरम में अनोखा आंदोलन; टैगोर स्कूल को बंद होने से बचाने के लिए सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोग
मध्य प्रदेश ने उपार्जन में तोड़ा रिकॉर्ड, 1 लाख 3 हजार से ज्यादा गेंहू खरीदा गया; CM मोहन यादव ने कही बड़ी बात
विभाग प्रमुख डॉ. मनीष तिवारी ने बताया कि सभी डॉक्टरों ने भरपूर प्रयास किए। इस बात का बुरा भी लगा कि बच्चों की जान नहीं बचा सके। हमारे लिए बच्चे कहां के हैं, यह मायने नहीं रखता। किसी भी शहर के बच्चे भर्ती हों तो उन्हें स्वस्थ कर घर भेजना पहली प्राथमिकता होती है लेकिन इस घटना ने डॉक्टरों को भी हिलाकर रख दिया। अब तक मेडिकल में 10 बच्चों की मौत चुकी है। फिलहाल छिंदवाड़ा जिले का कोई भी बच्चा भर्ती नहीं है।
बच्चों की मौतों पर एमपी के सीएम ने पल्ला झाड़ा
नागपुर में यहां पत्रकारों से चर्चा में यादव ने बताया कि तमिलनाडु की कंपनी ने सिरप बनाया है। संबंधित दवा के बारे में वहां के औषधि नियंत्रक से उचित रिपोर्ट अपेक्षित है लेकिन तमिलनाडु सरकार उतना सहयोग नहीं कर रही है जितनी उम्मीद थी। दवा बनाने वाली कंपनी ही पूरी तरह से दवा के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को तमिलनाडु में जाकर आंदोलन करने की सलाह दी। नागपुर आए सीएम यादव पहले एम्स गये।
वहां पीड़ित बच्चों व परिजनों से मुलाकात की। साथ ही अस्पताल प्रशासन से भी चर्चा की। इसके पश्चात एक प्राइवेट अस्पताल होते हुए मेडिकल पहुंचे। मेडिकल में वार्ड क्रमांक 50 में गये। परिजनों से मिले और डॉक्टरों के साथ उपचार की तकनीक सहित अन्य मुद्दों पर बातचीत की। सीएम ने बताया कि तमिलनाडु में निर्मित दवाई के कारण ही बच्चों की मौत हुई। सिरप के सेवन से किडनी खराब हुई। जहां दवाई बनाई गई वहां की सरकार द्वारा कार्रवाई की जानी चाहिए लेकिन तमिलनाडु सरकार सहयोग नहीं कर रही है।
दवाई की मैन्युफैक्चरिंग में ही गलती
घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने रैंडम नमूनों में लापरवाही के लिए औषधि नियंत्रक और सहायक औषधि नियंत्रक को निलंबित कर दिया है। इस घटना में मानवीय दृष्टिकोण के साथ ही प्रशासनिक दृष्टिकोण भी आवश्यक है। सरकार दवा कंपनियों पर उचित व ठोस कार्रवाई करे। मध्य प्रदेश पुलिस ने कुछ लोगों को भी दबोचा है। जिन बच्चों की मौत हुई और जो स्वस्थ्य हुए, उनकी जांच में पाया गया कि दवाई के कारण ही गड़बड़ी हुई।
यह भी पढ़ें – 10 दिन बाद जागे मोहन, पीड़ित बच्चों को देखने नागपुर पहुंचे MP के CM, जहरीले कफ सिरप से 15 की मौत
यानी मैन्युफैक्चरिंग में ही गलती हुई है। सरकार किसी भी को नहीं छोड़ेगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस वहां जाए और धरना दे। राहुल गांधी को भी वहां जाना चाहिए। तमिलनाडु सरकार के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए। दवा बनाने वाली कंपनी को लाइसेंस कैसे मिला और इतनी बड़ी फैक्ट्री छोटी सी जगह में कैसे चल रही है, इसका जवाब वहां की सरकार को देना चाहिए।
