नागपुर मेट्रो में नौकरी का झांसा देकर 8.30 लाख वसूले, फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले आए दिन आते रहते हैं। बढ़ती बेरोजगारी के चलते युवा नौकरी पाने के लिए ठगों के झांसे में आते रहते है। ऐसा ही एक मामला नागपुर में सामने आया है। जहां एक इंजीनियर युवा को नौकरी देने के नाम पर 8 लाख का चूना लगा दिया।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
नागपुर: नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले आए दिन आते रहते हैं। बढ़ती बेरोजगारी के चलते युवा नौकरी पाने के लिए ठगों के झांसे में आते रहते है। ऐसा ही एक मामला नागपुर में सामने आया है। जहां एक इंजीनियर युवा को नौकरी देने के नाम पर 8 लाख का चूना लगा दिया। पीड़ित युवा ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई है।
अपने परिचित के झांसे में आया व्यक्ति मेट्रो में सेक्शन इंजीनियर पद पर नौकरी के चक्कर में 8.30 लाख की रुपए की धोखाधड़ी का शिकार हो गया। आरोपियों ने उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र तक थमा दिया था। आरोपियों के नाम मनीषनगर निवासी दीपक कवडूजी मुप्पीडवार, वडधामना निवासी गौरव अशोक उके (29) और गिट्टीखदान निवासी अनीस खान गुलाम रसूल खान (44) बताए गए। पुलिस गौरव और अनीस को गिरफ्तार कर चुकी है।
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पहचान का दावा कर किया नौकरी का वादा
शिकायतकर्ता दिघोरी निवासी निशांत प्रकाशराव टेकाड़े (36) मूलत: काटोल के रहने वाला है और इंजीनियर है। वह लंबे समय से मेट्रो में नौकरी का प्रयास कर रहे थे। इस बीच निशांत के परिचित दीपक ने उन्हें अपनी पहचान का दावा दिखाकर नौकरी दिलाने का दावा किया लेकिन इसके लिए अधिकारियों को रिश्वत की बात कही।
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सेक्शन इंजीनियर पद पर नियुक्ति का फर्जी प्रमाण पत्र दिया
झांसे में आकर निशांत मान गया। इसके बाद दीपक ने अपने अन्य 2 साथियों गौरव और अनीस के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा शुरू किया और बातचीत के लिए अंबाझरी मेट्रो स्टेशन के नीचे बुलाया। आरोपियों ने 3 अप्रैल से 31 जून के बीच दीपक से कुल 8.30 लाख रुपए वसूल लिए। कुछ दिनों बाद उन्हें सेक्शन इंजीनियर पद पर नियुक्त पत्र थमा दिया। दीपक को बाद में पता चला कि उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया। उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने गौरव और अनीस को गिरफ्तार कर लिया। आगे की जांच जारी है।
