

CBSE की नई परीक्षा व्यवस्था 2028 की 10वीं बोर्ड परीक्षा से लागू होगी।
वर्तमान में कक्षा 9वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सकता है।
विद्यार्थियों को पांच मुख्य विषयों के अलावा कौशल आधारित विषय चुनना होगा।
22 विकल्पों में से एक कौशल आधारित विषय का चयन किया जा सकेगा।
CBSE Skill Subjects Option: नागपुर में CBSE की 10वीं की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। अब मुख्य विषयों में से किसी एक में असफल होने पर भी विद्यार्थियों के पास उत्तीर्ण होने का एक अतिरिक्त रास्ता होगा।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने नई परीक्षा व्यवस्था के तहत कौशल आधारित विषय को मुख्य विषय के विकल्प के रूप में मान्यता देने का प्रावधान किया है। यह व्यवस्था वर्ष 2028 में 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों पर लागू होगी।
वर्तमान में कक्षा 9वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था के अनुसार विद्यार्थियों को 5 अनिवार्य विषयों के अलावा 6वें विषय के रूप में एक कौशल आधारित विषय चुनना होगा।
नई शैक्षणिक व्यवस्था में विद्यार्थियों को कुल 9 विषय पढ़ने होंगे, इनमें 5 बोर्ड परीक्षा वाले अनिवार्य विषय और चार अन्य विषय शामिल रहेंगे,
5 मुख्य विषय दी भाषाएं गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान
1 कौशल आधारित विषय 22 विकल्यी में से किसी एक का चयन
3 अन्य अनिवार्य विषयः तीसरी भाषा, कला शिक्षा तथा शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य
1 व्यावसायिक शिक्षा विषय यह भी अनिवार्य रहेगा
नई पाठ्यक्रम व्यवस्था के अनुरूप कक्षा 9वीं से इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी विषय को हटाया गया है। इसके साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेस और कंप्यूटेशनल थिंकिंग से संबंधित कुछ घटकों को भी बाहर रखा गया है।
वहीं शैक्षणिक सत्र 2027-28 में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण शिक्षा विषय पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं रहेगा, बोर्ड का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था और पाठ्यक्रम संबंधी बदलावों को पहले से स्पष्ट करना है ताकि विद्यार्थियों को अपनी तैयारी और विषय चयन में आखनी हो।
बोर्ड की नई व्यवस्था में भाषा विषयों को लेकर भी प्रावधान किया गया है। 3 भाषा विषयों में से कम से कम 2 में उत्तीर्ण होने पर विद्यार्थी को भाषा संबंधी अनिवार्यता पूरी करने वाला माना जाएगा।
वहीं गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में से किसी एक विषय में असफल होने पर कौशल आधारित विषय के बोर्ड परीक्षा परिणाम से राहत मिल सकती है। इसके लिए CBSE के निर्धारित उत्तीर्णता नियम लागू होंगे।