नागपुर का FDA लैब होगा हाईटेक, 1 करोड़ रुपये से खरीदे जाएंगे आधुनिक उपकरण; मिलावट की जांच में आएगी तेजी

Nagpur FDA Lab Upgrade: नागपुर और मुंबई FDA प्रयोगशालाओं को ₹1.91 करोड़ की लागत से 9 अत्याधुनिक उपकरणों के साथ अपग्रेड किया जाएगा। इससे खाद्य पदार्थों की मिलावट जांच में तेजी और सटीकता आएगी।
FDA Maharashtra Food Testing
FDA प्रयोगशालासोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • नागपुर और मुंबई की FDA प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण किया जाएगा।

  • उपकरणों की खरीद पर करीब 1.91 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

  • नागपुर की लैब में नौ प्रमुख श्रेणियों के उपकरण लगाए जाएंगे।

  • नमूनों की जांच में तेजी और सटीक रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

FDA Maharashtra Food Testing: नागपुर जिले में खाद्य एवं औषधि पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और मिलावटखोरों पर नकेल कसने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की प्रयोगशालाओं को अत्याधुनिक तकनीक के साथ उपडेट करने की पहल की है।

इसके तहत नागपुर में भी FDA को प्रयोगशाला को अत्याधुनिक उपकरणों के साथ व्यवस्थित किया जाएगा। पिछले कुछ दिनों में एफडीए ने शहर और ग्रामीण में मिलावटखोरों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए अभियान स्वरूप कार्रवाई की है लेकिन सैम्पल की जांच में विलंब जैसे मुद्दे उठने से FDA सवालों के घेरे में खड़ा रहा है।

लैब में 1 करोड़ 91 लाख 76,000 रुपये की अनुमानित लागत

संभवतः प्रयोगशाला अपडेट होने से इस समस्या पर विराम लगेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार FDA महाराष्ट्र राज्य द्वारा नागपुर और मुंबई स्थित प्रयोगशालाओं के अपग्रेडेशन के लिए लगभग 1 करोड़ 91 लाख 76,000 रुपये की अनुमानित लागत से अत्याधुनिक उपकरणों की खरीदी की जाएगी।

इसके जरिए नागपुर जिला और मुंबई की प्रयोगशाला में उच्च स्तरीय वैज्ञानिक उपकरणों सहित एचपीएलसी कॉलम, लैब की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

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9 प्रकार के प्रमुख उपकरणों के साथ होगा अपग्रेडेशन

अधिकारियों ने बताया कि इस कार्य के तहत नागपुर की प्रयोगशाला को 9 प्रकार के प्रमुख उपकरणों के साथ अघोडेशन किया जाएगा। इसमें यूवी- विजुअल डिटेक्टर के साथ एचपीएलसी सिस्टम, वाटर प्यूरीफायर सिस्टम, 5 घंटे के बैकअप वाला 20 केवीए भारी-भरकम यूपीएस और खाद्य पदार्थों में वसा व तेल की शुद्धता जांचने के लिए डिजिटल बुटिर - रोकेक्टोमीटर लगाया जाएगा।

ताकि पदार्थों की गुणवत्ता का बारीकी से पता लगाया जा सके साथ ही प्रयोगशाला के सुचारु संचालन के लिए 2 टन का सीलट एसी, ऑल-इन-वन्न पर्सनल काप्यूटर, मल्टी-फंक्शनल प्रिंटर-कम-स्कैनर, ग्रेनाइट टॉप वाले जीआई फर्नीचर और विभिन्न विनिर्देशों वाले एचपीएलसी कॉलम खरीदे जाएंगे, इस कार्य के इसी महीने के आखिरी में किये जाने की उम्मीद है।

बताया गया कि इस उच्च स्तरीय प्रयोगशाला सुदृढीकरण से नागपुर और मुंबई स्थित एफडीए प्रयोगशालाओं की परीक्षण क्षमता में भारी इजाफा होगा जिससे आम नागरिको के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में सटीक औन त्वरित जांच रिपोर्ट मिल सकेगी।