नागपुर में BRICS देशों के अफसरों को खास ट्रेनिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग रोकने पर पहल
Nagpur BRICS Summit: नागपुर स्थित एनएडीटी में ब्रिक्स देशों के अधिकारियों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्तपोषण रोकने पर 5 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
- Written By: अंकिता पटेल
ब्रिक्स सम्मेलन, नागपुर एनएडीटी, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur BRICS Summit Money Laundering: नागपुर राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी (एनएडीटी) में ब्रिक्स देशों के लिए मनी लॉन्ड्रंग और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने पर विशेष क्षमता निर्माण पहल का आयोजन किया। कार्यक्रम वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था। इस वर्ष भारत की अध्यक्षता का विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए प्रतिबद्धता है।
यह आयोजन 2025 के रियो डी जनेरियो घोषणा पत्र’ के जवाब में किया गया जिसमें ब्रिक्स नेताओं ने वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच सहयोग मजबूत करने का आह्वान किया था। 5 दिवसीय सत्र का प्राथमिक लक्ष्य सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकारियों की क्षमताओं को विकसित करना था।
मनी लॉर्नड्रंग और आतंकी वित्तपोषण का पता लगाना और जांच करना, अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और वैश्विक मानकों का गहन ज्ञान प्राप्त करना और भविष्य के उभरते खतरों से निपटने के लिए रणनीति तैयार करना था।
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प्रमुख प्रतिभागी और तकनीकी सत्र
कार्यक्रम में ब्रिक्स देशों के नीति निर्माताओं, वित्तीय खुफिया इकाइयों (एफआईयू), कानून प्रवर्तन एजेंसियों और कर अधिकारियों ने भाग लिया। विशेष रूप से रूसी एफआईयू, यूएई सार्वजनिक अभियोजक कार्यालय और दक्षिण अफ्रीका के कर अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही।
चर्चा के मुख्य बिंदु
वैश्विक कानूनी ढांचा: विभिन्न देशों की कानूनी प्रणालियों का तुलनात्मक अध्ययन।
नये खतरे: व्यापार-आधारित मनी लॉर्नडंग, मादक पदार्थों की तस्करी और बेनामी लेन-देन।
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डिजिटल चुनौतियां: वर्चुअल डिजिटल संपत्ति (क्रिप्टो) से उत्पन्न जोखिम और एफएटीएफ मानकों का अनुपालन,
अंतरराष्ट्रीय सहयोग: सूचना साझा करना, संपत्ति की वसूली और विभिन्न जांच एजेंसियों के बीच समन्वय,
