एक्सीडेंट नहीं, गैंगवार का खौफनाक दांव! नागपुर में कार से कुचलकर कुख्यात अपराधी भुरु की हत्या की कोशिश

Nagpur Gang Attack: नागपुर के सोमलवाड़ा चौक पर अपराधी भुरु को कार से कुचलने के मामले में क्राइम ब्रांच ने साजिश का खुलासा किया है। शरीफ समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
Crime Branch nabs 5 accused in the Bhuru attack case
अपराधी भुरु हमला में क्राइम ब्रांच ने 5 आरोपियों को दबोचाफोटो सोर्स- नवभारत
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Nagpur Gang Car Attack: किसी समय वसंतराव नाईक झोपड़पट्टी में अपनी दहशत बनाने वाला अपराधी भुरु अब जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। बताया जाता है कि रंजिश के चलते अपराधी शरीफ और उसकी गैंग ने भुरु की हत्या की प्लानिंग की। सोमलवाड़ा चौक पर उसे कार से उड़ाया गया। विरोधी गैंग को लगा कि वह निपट गया है लेकिन भुरु का इलाज जारी है। ताज्जुब की बात ये है कि भुरु पर हुए इस हमले की जानकारी सभी को थी लेकिन कोई शिकायत दर्ज कराने को तैयार नहीं था।

पहले सोनेगांव थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ एक्सीडेंट का मामला दर्ज किया गया लेकिन क्राइम ब्रांच यूनिट-2 को इसके पीछे की साजिश का पता लग गया और पुलिस ने शरीफ सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आनंदनगर, सीताबर्डी निवासी शेख अकरम उर्फ भुरु शेख रहमान (42) का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है और हालत नाजुक बनी हुई है।

Crime Branch nabs 5 accused in the Bhuru attack case
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9 महीने पहले हुआ था विवाद

पकड़े गए आरोपियों में बुरडगल्ली, तेलीपुरा निवासी शेख शरीफ शेख सलीम (36): ताजनगर, मानकापुर निवासी शहबाज खान उर्फ सलमान बिल्ला खान (25): झिंगाबाई टाकली निवासी आमिर बशीर शेख (35), मोहम्मद साहिल अलताफ अंसारी (28) और मोहम्मद तौफीक शेख मोहम्मद आरिफ (28) का समावेश है। भुरु को वसंतराव नाईकनगर झोपड़पट्टी में वर्ष 2012 में हुए रोहित जैन हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। करीब डेढ़ वर्ष पहले वह जमानत पर जेल से बाहर आया था।

जानकारी के अनुसार करीब 9 महीने पहले भुरु सीताबर्डी परिसर में स्थित शरीफ और उसके भाइयों के क्लब में जुआ खेलने गया था। पैसों को लेकर दोनों का विवाद हो गया। भुरु ने किसी ठोस वस्तु से शरीफ के सिर पर वार कर उसे बुरी तरह जख्मी कर दिया था। जुआ क्लब में घटना होने के कारण शरीफ ने खून का छूट पी लिया और पुलिस से शिकायत नहीं की लेकिन तभी उसे भुरु को टपकाने का प्लान बना लिया था।

लंबे समय से बन रही थी योजना

पत्नी से अनबन के चलते वैसे भी भुरु अलग रह रहा था। शरीफ को जानकारी मिली कि वह सोमलवाड़ा चौक पर स्थित होटल मेमोरीज में रुका है और रात में वहां अकेला ही जाता है। उसने अपने दोस्तों के साथ भुरु को टपकाने का प्लान बनाया। 11 अगस्त की रात शरीफ ने भुरु को कार से उड़ा दिया। तब से भुरु का उपचार जारी है। बताया जाता है कि जिस तरह शरीफ ने हमले की शिकायत पुलिस से नहीं की उसी तरह भुरु गुट भी शिकायत न करते हुए बदला लेने की तैयारी में था।

घटना के समय चर्चित अपराधी शेख मोहसीन उर्फ बाबा टाइगर भी गाड़ी में मौजूद था लेकिन वह गिरफ्त से बाहर है। इस्पेक्टर शुभांगी देशमुख, एपीआई वेतन बोरखेड़े, पीएसआई मनोज राऊत, एएसआई गजेंद्र ठाकुर, हेडकांस्टेबल नरेश तुमडाम, विजय यादव, अर्जुन यादव, कमलेश गणेर, मनीष टोंगे, मंगल जाधव, आशीष चंदरे, संदीप पाडे, विवेक श्रीपाद और प्रवीण चव्हाण ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

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