कांग्रेस 2029 तक ‘छोटा दल’ बनकर रह जाएगी, राजस्व मंत्री बावनकुले की तीखी टिप्पणी

Chandrashekhar Bawankule Congress Remarks: राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि 2029 तक कांग्रेस छोटा दल बनकर रह जाएगी। महायुति की बढ़त, चुनाव प्रचार और मतदाता सूची विवाद पर बयान दिया।
कांग्रेस 2029 तक ‘छोटा दल’ बनकर रह जाएगी
कांग्रेस 2029 तक ‘छोटा दल’ बनकर रह जाएगी (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Nagpur Politics: नगर परिषद चुनावों में महायुति ने जोरदार प्रचार अभियान छेड़ दिया है, जबकि महाविकास आघाड़ी प्रचार में उतनी सक्रिय नहीं दिखाई दे रही है। इसी संदर्भ में राजस्व मंत्री एवं भाजपा के राज्य चुनाव प्रभारी चंद्रशेखर बावनकुले ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि “2029 तक कांग्रेस ‘किंचित पक्ष’ (छोटा दल) बनकर रह जाएगी।” वे नागपुर में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

बावनकुले ने कहा कि वर्तमान प्रचार अभियान को देखते हुए महायुति 51 प्रतिशत वोट प्राप्त कर विजय हासिल करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं के बीच आपसी संवाद पूरी तरह टूट चुका है। नेता एक-दूसरे से बात नहीं कर रहे हैं, जिससे ‘विसंवाद’ बढ़ गया है। कार्यकर्ता उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, इसलिए कई लोग भाजपा और महायुति में शामिल हो रहे हैं।

मतदाता सूची में वास्तविक नाम शामिल हों

बावनकुले ने बताया कि मतदाता सूची में मृत और स्थानांतरित व्यक्तियों के नाम हटाए जाने चाहिए, वहीं क्षेत्र में वास्तव में रहने वाले नागरिकों के नाम सूची में बने रहना अनिवार्य है।

महायुति के स्टार प्रचारकों का चुनावी दमखम

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के विवादित बयान और राज ठाकरे के ट्वीट पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा “चुनाव आते ही कुछ लोगों को गुजरात और बुलेट ट्रेन नजर आने लगती है। लेकिन मुंबई महाराष्ट्र की थी, है और हमेशा रहेगी। मुंबई को महाराष्ट्र से कोई अलग नहीं कर सकता। ऐसे बयान झूठा नैरेटिव बनाने की कोशिश हैं। हमारा ध्यान केवल विकास पर है।” अहिल्यानगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए हमले की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान ऐसी झड़पें नहीं होनी चाहिए। पुलिस आवश्यक कार्रवाई करेगी।

संविधान के कारण परिपक्व लोकतंत्र

संविधान दिवस पर बावनकुले ने डॉ. बाबासाहब आंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र विश्व में सबसे परिपक्व लोकतंत्र माना जाता है। विभिन्न धर्मों, जातियों और पंथों के लोग संविधान की बदौलत एकता के साथ देश में रहते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक गांव और घर-घर तक संविधान की प्रति तथा विद्यालयों तक प्रस्तावना पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है।

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