उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह मिला, नगराध्यक्ष पद पर कड़ा मुकाबला

Manmad Municipal Elections: मनमाड नगर परिषद चुनाव में नगराध्यक्ष पद पर 8 और नगरसेवक पद की 33 सीटों के लिए 148 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनाव चिन्ह आवंटित होने के बाद प्रचार तेज हुआ है।
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काॅन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik News: यहां की नगर परिषद के चुनावों में सीधे नगराध्यक्ष और नगरसेवक (पार्षद) पद के लिए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को आज (बुधवार) चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए और मतपत्र पर उनका क्रम संख्या भी प्रदान किया गया. इस अवसर पर, निर्वाचन निर्णय अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) नितिन सदगीर और सहायक निर्वाचन अधिकारी शेषराव चौधरी ने उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को आदर्श आचार संहिता के बारे में मार्गदर्शन और जानकारी दी. उन्होंने सभी से आचार संहिता का कड़ाई से पालन करने का आह्वान किया और चेतावनी दी कि उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

मैदान में नगराध्यक्ष के 8 और नगरसेवक के 148 उम्मीदवार

चुनाव प्रचार के लिए केवल चार दिन मिलने वाले हैं, इसलिए चिन्ह और क्रम संख्या मिलते ही निर्दलीय उम्मीदवारों ने जोर-शोर से प्रचार शुरू कर दिया है. नगर परिषद में सीधे नगराध्यक्ष पद के साथ नगरसेवक पद की 33 सीटों के लिए २ दिसंबर को मतदान किया जाएगा. नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद, नगराध्यक्ष पद की एक सीट के लिए 14 और नगरसेवक पद की 33 सीटों के लिए 316 उम्मीदवारों ने आवेदन दाखिल किए थे. नामांकन वापस लेने के दिन नगराध्यक्ष पद के लिए 6 और नगरसेवक पद के लिए 168 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए.

अब नगराध्यक्ष पद की १ सीट के लिए ८ उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें शिंदे शिवसेना से योगेश पाटील, उबाठा शिवसेना से प्रवीण नाईक, अजीत पवार राष्ट्रवादी से रवींद्र घोडेस्वर, शरद पवार राष्ट्रवादी से शुभम चुनियान, बहुजन समाज पार्टी से प्रवीण पगारे, वंचित बहुजन आघाडी से नितीन जाधव, तथा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राजू निरभवणे और निमदेव हिरे शामिल हैं. इस प्रकार, नगराध्यक्ष पद के लिए बहुकोणीय (बहुरंगी) मुकाबला होगा.

नगरसेवक पद की 33 सीटों के लिए 148 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें विभिन्न दलों के 110 और 38 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं. आज इन सभी उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह और मतपत्र पर उनका क्रम संख्या आवंटित किया गया. राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को उनके दल का अधिकृत चिन्ह दिया गया, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों को उनके द्वारा मांगे गए तीन में से पहले क्रम का चिन्ह दिया गया. 30 नवंबर तक प्रचार किया जा सकेगा, इसलिए प्रचार के लिए केवल 4 दिन बचे हैं.

चिन्ह और मतपत्र पर क्रम संख्या मिलते ही दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जोर-शोर से प्रचार शुरू कर दिया है. एक तरफ सभी उम्मीदवार प्रचार में जुटे हुए हैं, वहीं नागरिकों में चुनाव को लेकर उत्साह कम दिखाई दे रहा है. मतदाताओं में दिख रही इस उदासीनता को देखकर सभी उम्मीदवारों में कुछ हद तक चिंता का माहौल बना हुआ है.

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