डॉ.आंबेडकर इंटरनेशनल पार्क का आंदोलन तोड़ने की कोशिश, पुलिस कार्रवाई पर बढ़ा आक्रोश
Nagpur News: नारा स्थित 130 एकड़ जमीन पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इंटरनेशनल पार्क के निर्माण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन 386वें दिन में प्रवेश कर गया।
- Written By: आंचल लोखंडे
डॉ.आंबेडकर इंटरनेशनल पार्क का आंदोलन तोड़ने की कोशिश
Nagpur News: नारा स्थित 130 एकड़ जमीन पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इंटरनेशनल पार्क के निर्माण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को प्रशासन ने हाल ही में बलपूर्वक खत्म करने का प्रयास किया। गुरुवार को यह शांतिपूर्ण आंदोलन 386वें दिन में प्रवेश कर गया। इस प्रशासनिक कार्रवाई को आंदोलनकारियों ने ‘आक्रमण’ करार दिया, जिससे अम्बेडकरी समाज में भारी रोष व्याप्त है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार हाल ही में 100 से 150 पुलिसकर्मी, वाटर कैनन की गाड़ियां, जेसीबी और बुलडोजर धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान आंदोलन स्थल पर केवल 10-12 महिलाएं ही थी। इतनी कम महिलाओं को हटाने के लिए 150 पुलिसकर्मियों का आना समझ से बाहर है।
धम्मध्वज का अपमान
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने पंडाल को पूरी तरह से तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान धम्मध्वज (पंचशील ध्वज) को भी गिरा दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे अपने सम्मान का प्रतीक बताते हुए ध्वज के अपमान पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। आंदोलनकारियों को घटनास्थल पर आने से रोकने के लिए रोड पर बैरिकेड्स लगा दिए गए थे।
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अतिक्रमण का आरोप झूठा : आंदोलनकारी
प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई का कारण सड़क पर प्रदर्शन करना और अतिक्रमण बताया गया। आंदोलनकारियों द्वारा इस आरोप को सिरे से नकार दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका पंडाल रोड से 18 फुट पीछे है और वे अतिक्रमण नहीं कर रहे हैं।
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कोई पूर्व सूचना या नोटिस नहीं दिया
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब यह पंडाल बांस-बल्लियों से बना था, तब जेसीबी और बुलडोजर लाने की क्या आवश्यकता थी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई प्रशासन और इनकी मिलीभगत है, ताकि उन्हें शांतिपूर्ण आंदोलन को हटाया जा सके। इस कार्रवाई से पहले उन्हें कोई पूर्व सूचना या नोटिस नहीं दिया गया था। यह आंदोलन डॉ। बाबा साहेब आंबेडकर इंटरनेशनल पार्क बचाव कृति समिति के माध्यम से चलाया जा रहा है।
