बोर व्याघ्र प्रकल्प (सौजन्य-नवभारत)
Wardha Forest Dept Action: वर्धा जिले के सेलू तहसील के बोर व्याघ्र प्रकल्प में वन पर्यटन के नियमों का पालन न करने के मामले में चार जिप्सी चालकों और चार गाइड को दस दिनों के लिए निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई 16 मार्च को हुई घटनाओं के आधार पर की गई। बताया गया है कि बोरधरण पर्यटन गेट से बोर व्याघ्र प्रकल्प के कोअर क्षेत्र में जाने वाली जंगल सफारी के दौरान इन जिप्सियों और गाइड ने पर्यटकों को निर्धारित समय से पहले या बाद में क्षेत्र से बाहर निकाला।
इसके अलावा कुछ गाइडों ने बफर क्षेत्र में भी पर्यटकों के साथ भ्रमण किया। इस प्रकार की अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए संबंधित जिप्सियों और गाइडों को 26 मार्च तक के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस दौरान इनका पर्यटन क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
बताया जाता है कि एमएच 32 एएच 1235 की जिप्सी चालक और गाइड विक्रम चिकराम पर पर्यटकों के साथ निर्धारित समय से 2 घंटे पहले पर्यटन क्षेत्र से बाहर आने का आरोप, एमएच 12 क्यूएम 0101 की जिप्सी चालक और गाइड सचिन लोखंडे पर निर्धारित समय से 2.5 घंटे पहले क्षेत्र से बाहर आने का आरोप, एमएच 32 एएच 1307 की जिप्सी चालक और गाइड मंगेश खोब्रागडे पर निर्धारित समय से 1.5 घंटे पहले बाहर आने का आरोप, एमएच 32 एएच 2441 की जिप्सी चालक और गाइड मनोज वाघमारे पर 15 मिनट देर से प्रवेश करने का आरोप लगाया गया है।
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बोरधरण और अडेगांव गेट से प्रतिदिन पर्यटक जंगल सफारी के लिए जाते हैं। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी जिप्सी चालक और गाइड पर्यटकों की सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करें। इस कार्रवाई से वन पर्यटन के नियमों के प्रति चेतना बढ़ाने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।