ऊंची इमारत बनानी है? नागपुर एयरपोर्ट के 56 किमी दायरे में ऊंचे निर्माण के लिए NOC जरूरी
Nagpur Airport: नागपुर एयरपोर्ट के आसपास ऊंची इमारतों, टावरों और चिमनियों के निर्माण के लिए एनओसी अनिवार्य है। यह व्यवस्था विमान सुरक्षा और हवाई यातायात को सुरक्षित रखने के लिए लागू है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर एयरपोर्ट, एनओसी, अनापत्ति प्रमाणपत्र प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Airport NOC High Rise Buildings: नागपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में ऊंची इमारतों, मोबाइल टावरों और चिमनियों के निर्माण के लिए एयरपोर्ट से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य है। नागपुर एयरपोर्ट के निर्धारित दायरे में आने वाले निर्माण कार्यों के लिए यह प्रक्रिया विमान सुरक्षा और हवाई यातायात को ध्यान में रखते हुए लागू की जाती है। जानकारी के अनुसार नागपुर एयरपोर्ट से 56 किलोमीटर के दायरे तक ऊंची संरचनाओं के निर्माण के लिए एनओसी प्राप्त करना आवश्यक है।
एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर के भीतर यदि किसी प्रस्तावित निर्माण की ऊंचाई समुद्री तल से 355 मीटर से अधिक होती है तो उसके लिए एयरपोर्ट प्राधिकरण की अनुमति जरूरी होती है। निर्धारित सीमा से नीचे की ऊंचाई वाले निर्माण प्रस्तावों को आवश्यक नियमों के तहत महानगरपालिका स्तर पर ही मंजूरी दी जा सकती है।
बढ़ते डेवलपमेंट से बढ़ रहे हैं आवेदन
एयरपोर्ट पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के रीजनल एनओसी सेंटर नागपुर के दायरे में 11 एयरपोर्ट आते है जिनमें विदर्भ सहित पूरे मध्य प्रदेश से लोग और संस्थाएं अपने निर्माण एवं विकास परियोजनाओं के लिए यहां आवेदन करते हैं।
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कार्यालय की भूमिका हवाई सुरक्षा मानकों को बनाए रखते हुए शहरी विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने में अहम मानी जाती है।
शहर और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहे निर्माण एवं विकास कार्यों के चलते रीजनल सेंटर में एनओसी के लिए आने वाले आवेदनों की संख्या में लगातार बढ़ती जा रही है। जानकारी के अनुसार अभी कार्यालय में हर माह 2,000 से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं।
उठाए जा रहे आवश्यक कदम
जानकारी के अनुसार शहर के तेजी से हो रहे शहरीकरण, नई आवासीय योजनाओं और व्यावसायिक परियोजनाओं के कारण आने वाले समय में भी एनओसी आवेदनों की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए संबंधित विभाग ने आवेदन प्रक्रिया को अधिक सुगम और समयबद्ध बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए है।
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सभी आवेदनों की तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है, ताकि हवाई यातायात की सुरक्षा और एयरपोर्ट संचालन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। शहर में विकास गतिविधियों की रफ्तार बढ़ने के साथ एयरपोर्ट रीजनल सेंटर की भूमिका भी और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से राजेंद्र मानकर की रिपोर्ट
