महाराष्ट्र में बिजली होगी सस्ती, 2029-30 तक प्रति यूनिट दर 7.43 रुपये होने का CM फडणवीस का बड़ा दावा
Mumbai Power Supply: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि अगले 2 वर्षों में महाराष्ट्र में गुजरात से सस्ती बिजली मिलेगी। साल 2029-30 तक बिजली दर घटकर 7.43 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगी।
- Written By: रूपम सिंह
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, सस्ती बिजली (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Maharashtra Electricity Tariff Devendra Fadnavis: बिजली उत्पादन के क्षेत्र में महाराष्ट्र तेजी से प्रगति कर रहा है और अगले 2 साल में यहां गुजरात से सस्ती बिजली मिलेगी। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने यह घोषणा बुधवार को विधान परिषद में की। सदन में कांग्रेस समूह के नेता सतेज बंटी पाटिल ने राज्य में बिजली की समस्या को उठाते हुए सुझाव दिया कि फीडर पर एक मीटर लगाया जाना चाहिए ताकि पता चल सके कि असल में कितनी बिजली खर्च हो रही है। सीएम को इस मुद्दे पर बात करने के लिए स्टेकहोल्डर्स की मीटिंग बुलानी चाहिए।
पाटिल ने दावा किया कि असल में बिजली की प्रति यूनिट लागत 8 रु. नहीं बल्कि 13.87 रुपये है। गुजरात, मप्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में यह बहुत कम है। कांग्रेस विधायक ने कहा कि सरकार लोगों से सोलर में इन्वेस्ट करने के लिए कह रही है, लेकिन साथ ही ग्रिड चार्ज भी लगाती है।
बिजली सस्ती करने के लिए इस पर ध्यान देने की जरूरत है। सीएम ने कहा कि अभी गुजरात में बिजली की दर 7.87 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि महाराष्ट्र में 8.19 रुपये प्रति यूनिट है। मल्टी-ईयर टैरिफ पॉलिसी की वजह से, महाराष्ट्र में बिजली का टैरिफ 2029-30 तक घटकर 7.43 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगा।
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राज्य में इंडस्ट्री सेक्टर को पर्याप्त बिजली
सीएम ने कहा कि पिछले दो सालों में राज्य की बिजली की मांग लगभग 20 प्रतिशत बढ़ी है, यह बढ़ोतरी पहले हासिल करने में लगभग एक दशक लग जाता था। उन्होंने विपक्ष के उस दावे को खारिज किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि इंडस्ट्रीज महाराष्ट्र से बाहर जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बिजली की खपत में तेज बढ़ोतरी साफ दिखाती है कि राज्य में बिजनेस और इंडस्ट्रीज बढ़ रही है।
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सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिले
कांग्रेस सदस्य भाई जगताप ने कहा कि बिजली संकट को देखते हुए महाराष्ट्र में सौर ऊर्जा से जुड़े प्रकल्प को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जवाब में सीएम ने कहा कि राज्य सरकार सोलर एनर्जी को प्राथमिकता दे रही है और इससे कंज्यूमर्स और किसानों को ज्यादा बेहतर बिजली सप्लाई हो पा रही है।
सोलर एनर्जी के बढ़ते इस्तेमाल से ग्रिड सिस्टम पर ज्यादा दवाव पड़ने की वजह से ग्रिड सपोर्ट चार्ज लागू किया गया है। यह चार्ज सिर्फ 0।13% कंज्यूमर्स पर लागू होता है और इसका असर सिर्फ उन पर पड़ता है जो 5,000 मेगावाट से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करते हैं।
स्मार्ट मीटर से लोगों को सुविधा
सीएम ने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर की वजह से अनुमानित बिलिंग का तरीका कम हो रहा है और सभी फीडरों पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य 2029-30 तक अपनी 52 प्रतिशत बिजली रिन्यूएबल सोर्स से बनाने का है और बैटरी स्टोरेज टेक्नो
| राज्य | बिजली दर (रुपये/यूनिट) |
|---|---|
| तमिलनाडु | 9.30 |
| तेलंगाना | 9.20 |
| मध्य प्रदेश | 8.27 |
| महाराष्ट्र | 8.19 |
| उत्तर प्रदेश | 8.15 |
| गुजरात | 7.87 |
