हिंसा के 6 दिन बाद पूरी तरह से हटा कर्फ्यू। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में 6 दिन पहले हुई हिंसा के बाद रविवार को शहर के शेष 4 इलाकों से भी कर्फ्यू हटा लिया गया। बता दें कि घटना के बाद कल शुक्रवार को पहली बार मु्ख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर आए और पुरी स्थिती का जायजा उन्होंने लिया था। जिसके बाद आज हालात सामान्य होने के आसार नज़र आ रहे है। गत 17 मार्च को हुई हिंसा के बाद कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पचपावली, शांति नगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामबाड़ा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया था।
नागपुर के कई हिस्सों में उस समय बड़े पैमाने पर पथराव और आगजनी की खबरें आईं, जब यह अफवाह फैली कि छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान एक पवित्र पुस्तक की पंक्तियां लिखी एक चादर कथित तौर पर जलाई गई। हिंसा में पुलिस उपायुक्त स्तर के तीन अधिकारियों समेत 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए। हिंसा के सिलसिले में शनिवार को सात लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिससे हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या 112 हो गई।
इससे पहले 20 मार्च को नंदनवन और कपिल नगर थाना क्षेत्रों से तथा 22 मार्च को पचपावली, शांति नगर, लकड़गंज, सक्करदरा और इमामबाड़ा क्षेत्रों से कर्फ्यू हटा लिया गया था। नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंदर सिंघल ने रविवार को दोपहर तीन बजे से शेष बचे गणेशपेठ, तहसील और यशोधरा नगर थाना क्षेत्रों से कर्फ्यू हटाने का आदेश दिया। एक अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय पुलिस की तैनाती के साथ गश्त जारी रहेगी।
#WATCH | Maharashtra | Nagpur Police conducts flag march in Mahal market area of the city pic.twitter.com/ctXvJagFIn — ANI (@ANI) March 23, 2025
नागपुर एक धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शहर के रूप में जाना जाता है। यहां की संस्कृति अलग है। कई वर्षों बाद शहर में पहली बार ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनसे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई है। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए शांति भंग करने वाले दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, ऐसे निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिलाधिकारी, नगर निगम आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर घटना की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागपुर शांतिप्रिय शहर के रूप में जाना जाता है। इसे अशांत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोपहर में औरंगजेब को लेकर आंदोलन करने वालों पर पुलिस ने कार्रवाई की थी, लेकिन समाजविरोधी तत्वों ने शाम को दंगा भड़काया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन इस दौरान बड़े पैमाने पर वाहनों को जलाया गया और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। दंगाइयों द्वारा की गई पत्थरबाजी में 34 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
ऐसे मामलों को रोकने के लिए पुलिस को सतर्क रहना होगा और सख्त कार्रवाई करनी होगी। शहर के 11 थाना क्षेत्रों में धारा 144 लागू की गई है। अब तक 13 मामले दर्ज किए गए हैं और 104 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 12 नाबालिग हैं। सीसीटीवी फुटेज और नागरिकों से मिले वीडियो क्लिप के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी दंगाई को बख्शा नहीं जाएगा।
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दंगा भड़काने में सोशल मीडिया पोस्ट की भूमिका की जांच की जा रही है। अब तक 250 आपत्तिजनक पोस्ट की पहचान की गई है और 62 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ऐसे पोस्ट डालने और शेयर करने वालों को भी सह-आरोपी बनाया जाएगा।
#WATCH | Maharashtra | Regarding the law and order situation, Nagpur Police Commissioner Ravinder Singal says, “Things are normal here. There is no such issue right now, and life is normal everywhere. Till now, 13 FIRs have been lodged. More than 115 people are in custody, and… pic.twitter.com/MrIGd5NkY7 — ANI (@ANI) March 23, 2025
दंगों में बड़ी संख्या में संपत्ति और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नुकसान का पंचनामा कर तीन-चार दिनों में पीड़ितों को सहायता दी जाए। यह भरपाई दंगाइयों से ही वसूली जाएगी। इसके लिए उनकी संपत्तियां जब्त कर नीलामी की जाएगी। पुलिस, जिला प्रशासन और नगर निगम मिलकर यह कार्रवाई करेंगे। अब तक 71 वाहनों और कई अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। वाहन मालिकों को बीमा कंपनियों से मुआवजा दिलाने के लिए जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में कई धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव होंगे। इन अवसरों पर कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए प्रशासन सतर्क रहेगा। साथ ही, उन्होंने जनता से भी शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। बैठक में पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र सिंघल ने घटना की विस्तृत जानकारी दी और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।