नागपुर में 4 नए थाणे (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
नागपुर

नागपुर में बनेंगे 4 नए पुलिस स्टेशन, हिंगना-हुड़केश्वर-कलमना और यशोधरानगर का होगा विभाजन

Nagpur News: नागपुर में जल्द ही 4 नए थानों को निर्माण होने वाला है। शहर में 4 नये थाने शुरू करने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय ने मंजूर कर दिया है।

प्रिया जैस

Nagpur News: राज्य में उपराजधानी का महत्व बढ़ता जा रहा है। शहर में औद्योगिक क्षेत्र बढ़ा है। शहर की सीमा बढ़ती जा रही है और जनसंख्या में भी इजाफा हो रहा है। बढ़ती जनसंख्या, विस्तृत भौगोलिक परिसर और बढ़ते स्लम को ध्यान में रखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक उपाय योजना जरूरी है।

कुछ थानों का एरिया बहुत बड़ा होने के कारण तथा नागरिकों की शिकायत पर जल्द से जल्द प्रतिसाद देने और आपराधिक घटनाओं को रोकने लिए हुड़केश्वर, कलमना, हिंगना और यशोधरानगर थाने का विभाजन करके शहर में 4 नये थाने शुरू करने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय ने मंजूर किया है। हुड़केश्वर थाना का विभाजन करके पिपला में नया पुलिस स्टेशन बनाया जाएगा।

इस तरह होगा थानों का विभाजन

कलमना का विभाजन कलमना गांव, हिंगना का विभाजन करके कान्होलीबारा और यशोधरानागर थाना क्षेत्र का विभाजन करके भिलगांव पुलिस स्टेशन को मंजूरी दी गई है। इसके लिए पद निर्मिति भी की गई है। सरकार ने नये थानों के खर्च को भी मान्यता प्रदान की है। चारों थाने के लिए कुल 269 पद और 15 करोड़ 77 लाख रुपये की निधि मंजूर की गई। पिपला पुलिस स्टेशन में 1 निरीक्षक, 2 सहायक निरीक्षक, 3 उपनिरीक्षक 7 एएसआई, 20 हेड कांस्टेबल और 32 कांस्टेबल सहित 65 लोगों का स्टाफ होगा। इसी तरह कलमना में 1 निरीक्षक, 2 सहायक निरीक्षक, 5 उपनिरीक्षक, 8 एएसआई, 21 हेड कांस्टेबल और 36 कांस्टेबल सहित कुल 73 लोगों की तैनाती होगी। कान्होलीबारा में 1 निरीक्षक, 3 सहायक निरीक्षक, 5 उपनिरीक्षक, 7 एएसआई, 15 हेड कांस्टेबल और 34 कांस्टेबल सहित 65 लोगों का स्टाफ होगा। भिलगांव में 1 निरीक्षक, 2 सहायक निरीक्षक, 8 उपनिरीक्षक, 5 एएसआई, 15 हेड कांस्टेबल और 35 कांस्टेबल की तैनाती होगी।

पुलिस थानों की कुल संख्या होगी 39

अब तक साइबर पुलिस स्टेशन को मिलाकर शहर में 34 पुलिस थाने थे। कुछ दिन पहले ही गृह विभाग ने खापरखेड़ा थाने को नागपुर पुलिस आयुक्तालय को हस्तांतरित किया। अब शहर में 4 नये पुलिस स्टेशन को मंजूरी मिलने के बाद कुल पुलिस थानों की संख्या 39 हो जाएगी। भांडेवाड़ी में भी एक थाना प्रस्तावित है।

सरकार जनसंख्या के हिसाब से शहरी सीमा बढ़ती देख नये-नये थानों को मंजूरी तो दे रही है लेकिन इसकी तुलना में मनुष्यबल की भारी कमी है। पुराने थानों से मनुष्यबल कम कर नये थानों में भेजे जा रहे हैं। केवल पुलिस स्टेशन और इमारत बना देने से कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं होगा। इसके लिए पर्याप्त मनुष्यबल भी उपलब्ध करवाना होगा।

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