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नागपुर. अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) को अपने जीवन के 29 वर्ष देने वाले मनोज तिवारी आज पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य लाभ पाने के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है. सेवानिवृत्त हुए 1 वर्ष से अधिक हो गए हैं. इसके बावजूद फाइल क्लियर नहीं हो पाई है और वे अपना हक पाने के लिए नेताओं से लेकर अधिकारियों और लोकायुक्त तक के पास लगातार गुहार लगा रहे हैं.
31 मई 2021 को नागपुर कार्यालय से फूड सेफ्टी ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त होने वाले मनोज तिवारी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री से लेकर सचिव, एफडीए आयुक्त, लोकायुक्त, उप लोकायुक्त तक को पत्र भेजा. जवाब नहीं मिलने के बाद कई बार और पत्राचार किया गया लेकिन कहीं से भी समाधान नहीं निकल पा रहा है. उनका कहना है कि राज्य में उनके साथ 17 अधिकारी सेवानिवृत्त हुए थे, उन्हें छोड़कर सभी का सेटलमेंट हो गया है.
विभागीय अधिकारी आखिर उनके केस को क्यों सेटल नहीं कर रहे हैं, यह समझ से परे है. इतना ही नहीं, उनकी ओर से कोई पूछ-परख या जवाब तक नहीं भेजा जा रहा है. इससे काफी संदेह पैदा होता है. उनका कहना है कि न तो नागपुर कार्यालय और न ही मुंबई कार्यालय इस मुद्दे पर ध्यान दे रहा है. तिवारी ने कहा कि जानबूझकर फाइल लटकाने वालों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार का खिलवाड़ किसी रिटायरमेंट व्यक्ति के साथ न हो.