नागपुर में अफवाह फैलने से भड़की हिंसा, DCP समेत 9 पुलिसकर्मी घायल, 55 से ज्यादा अरेस्ट, RAF मुस्तैद

नागपूर में औरंगजेब कब्र विवाद के चलते यहां के महल इलाके में बीते सोमवार रात 8:30 बजे हिंसा भड़क उठी।
नागपुर में भड़की हिंसा
नागपुर में भड़की हिंसा
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नागपुर: जहां एक तरफ महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपूर में औरंगजेब कब्र विवाद के चलते यहां के महल इलाके में बीते सोमवार रात 8:30 बजे हिंसा भड़क उठी। वहीं एक संगठन की ओर से किए गए प्रदर्शन के दौरान कुछ अफवाह उड़ी जिसके बाद शहर में तनाव पैदा हो गया। यहां औरंगजेब की कब्र ढहाने को मांग मुगल बादशाह का पुतला फूंका। इसके बाद पथराव और तोड़-फोड़ शुरू हो गई।

इसके बाद उपद्रवियों ने घरों पर पथराव किया और सड़क किनारे खड़ी गाड़ीयों में आग लगा दी। वहीं पुलिस पर भी हमला किया गया। खुद DCP निकेतन कदम भी कुल्हाड़ी के हमले से घायल हो गए और 9 पुलिसकर्मी भी घायल हैं। स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और 55 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।

मामले पर पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंघल ने बताया कि शहर में BNS की धारा 163 (IPC की धारा 144 की तरह) लागू कर दी गई है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस की 20 टीमें बनाई गई हैं। वहीं तनाव के माहौल को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोगों से शांति की अपील की और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा।

बीते सोमवार देर शाम हिंसा कोतवाली और गणेशपेठ तक कथित रूप से फैल गई। वहीं घेराबंदी अभियान के दौरान पुलिस उपायुक्त निकेतन कदम गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी भी पथराव का शिकार हुए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चिटनिस पार्क से शुक्रवारी तालाब रोड हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां दंगाइयों ने कुछ चार पहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया। लोगों के घरों पर भी पत्थर फेंके गए।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिंसा के मद्देनजर शांति और सद्भाव बनाये रखने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, उपद्रव देर शाम उस समय शुरू हुआ, जब बजरंग दल के सदस्यों ने महल इलाके में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया। पुलिस ने बताया कि अफवाह फैली कि आंदोलन के दौरान कुरान जलाई गई।

इधर पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर कुमार सिंगल ने कहा कि नागपुर शहर के कोतवाली, गणेशपेठ, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है. यह कर्फ्यू अगले आदेश तक लागू रहेगा।

बजरंग दल के प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए, जिससे मुस्लिम समुदाय के लोगों में आक्रोश फैल गया। गणेशपेठ थाने में शाम को कथित तौर पर कुरान जलाने के लिए शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने बताया कि शिकायत के बाद, बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग महल इलाके के विभिन्न हिस्सों में इकट्ठा होने लगे। पुलिस ने संकट की आशंका को देखते हुए गश्त तेज कर दी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बुलाया गया।

चिटनिस पार्क इलाके में पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। उन्होंने बताया कि अन्य इलाकों से भी हिंसा की खबरें आई हैं। हालांकि, बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि उन्होंने अपने प्रदर्शन के तहत केवल औरंगजेब का पुतला जलाया था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी करने की पुष्टि की और बताया कि त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), दंगा नियंत्रण पुलिस और राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) को तैनात किया गया है।

विभिन्न थानों से अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को भी बुलाया गया है। पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया और हिंसा के जिम्मेमदार 15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने शांति बनाए रखने की अपील की और लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने को कहा। मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा, “पुलिस महल इलाके में पथराव और तनावपूर्ण स्थिति को संभाल रही है।”

गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे फडणवीस ने यह भी कहा कि वह पुलिस के लगातार संपर्क में हैं और उन्होंने पुलिस से लोगों के साथ सहयोग करने को कहा है। गडकरी ने फडणवीस के सुर में सुर मिलाते हुए लोगों से प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की।

नागपुर से सांसद गडकरी ने एक वीडियो संदेश में कहा, “नागपुर का हमेशा से शांति का इतिहास रहा है। मैं अपने सभी भाइयों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। अफवाहों पर विश्वास न करें और सड़कों पर न उतरें।”

वहीं नागपुर हिंसा पर महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। नागपुर जैसे शहर में ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी।रामनवमी के दौरान, यहां मुस्लिम लोग हिंदुओं का स्वागत करने के लिए टेंट लगाए हैं।यहां एक दरगाह है जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, सभी धर्मों के लोग आते हैं।।।जो लोग इस हिंसा में शामिल हैं वे यहां (नागपुर) के लोग नहीं हैं। कुछ असामाजिक तत्व बाहर से आए और उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया।मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।"

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि नागपुर में सोमवार को हुई हिंसा राज्य के गृह विभाग की विफलता को दर्शाता है। सपकाल ने कहा कि मंत्रियों द्वारा पिछले कुछ दिनों से जानबूझकर भड़काऊ भाषण दिये जा रहे थे। सपकाल ने हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित करार देते हुए विदर्भ के सबसे बड़े शहर के लोगों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि नागपुर में सभी धर्मों के लोग सद्भावनापूर्वक रहते हैं। सपकाल ने एक बयान में कहा, ‘‘नागपुर में जारी तनाव, पथराव और आगजनी गृह विभाग की घोर विफलता है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के मंत्री जानबूझकर समाज में हिंसा भड़काने के लिए भड़काऊ भाषण दे रहे हैं। ऐसा लगता है कि नागपुर में उनकी कोशिशें सफल हो गई हैं।'' शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) विधायक आदित्य ठाकरे ने राज्य में कानून-व्यवस्था बुरी तरह से बिगड़ने का आरोप लगाया है।

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