नागपुर: वार्ड 15 में सियासी घमासान, भाजपा बनाम कांग्रेस की लड़ाई; गवली समुदाय का वोट निर्णायक
Nagpur News: नागपुर के वार्ड 15 के सीताबर्डी, धंतोली व रामदासपेठ ट्रैफिक, कचरा और अतिक्रमण से परेशान हैं। भाजपा–कांग्रेस मुकाबले में उत्तर भारतीय, खासकर गवली समुदाय का वोट निर्णायक माना जा रहा है।
- Written By: रूपम सिंह
नागपुर मनपा चुनाव, (प्रतीकात्मक चुनाव)
Nagpur Municipal Election : नागपुर शहर के सबसे ‘पॉश’ और संभ्रांत इलाकों के रूप में जाने जाने वाले सीताबर्डी, धंतोली और रामदासपेठ भी समस्याओं से ग्रस्त हैं। ये क्षेत्र वार्ड 15 के अंतर्गत आते हैं। विशेष रूप से सीताबर्डी शहर का केंद्र माना जाता है। यहां बड़ा बाजार होने के कारण लगातार ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की समस्या बनी रहती है। मनपा इस क्षेत्र की अनदेखी कर रही है। अब मनपा चुनाव को देखते हुए नागरिक कूड़े के ढेर, ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की समस्याओं के समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
राजनीतिक दृष्टि से गोकुलपेठ, गिरिपेठ, महाराजबाग, गवलीपुरा, सीताबर्डी पुलिस थाना क्षेत्र और आनंदनगर के इलाकों में पिछले कई वर्षों से उत्तर भारतीयों, विशेषकर गवली समुदाय का दबदबा रहा है। पिछले नगर निगम चुनावों में इस समुदाय के एकतरफा समर्थन के कारण ही भाजपा सत्ता बरकरार रख पाई थी। यदि इस वर्ष भी गवली समुदाय के वोट भाजपा के पक्ष में जाते हैं तो धरमपेठ और सीताबर्डी जैसे बड़े बाजारों का यह हिस्सा भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण ‘वोट बैंक’ बन सकता है।
कांग्रेस- बीजेपी ने कसी कमर
कांग्रेस ने इस वार्ड में जीत हासिल करने के लिए कमर कस ली है। हिन्दीभाषी मतदाताओं का विश्वास जीतने के लिए कांग्रेस ने संध्या बिसेन, विशाखा शर्मा और प्रदीप अग्रवाल जैसे चेहरों को मैदान में उतारकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। दूसरी ओर भाजपा ने अपनी जीत पक्की करने के लिए सुनील हिरणवार को मैदान में उतारा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री फडणवीस के करीबी माने जाने वाले उम्मीदवार विनय दाणी के मैदान में उतरने से भाजपा को धरमपेठ और गोकुलपेठ निर्वाचन क्षेत्रों से भारी मतदान मिलने की उम्मीद है।
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पार्टीवार प्रमुख उम्मीदवार
| कांग्रेस | भाजपा |
|---|---|
| संध्या बिसेन | पूजा पाठक |
| संदेश सिंगलकर | सुनील हिरणवार |
| विशाखा शर्मा | धनश्री देशपांडे |
| प्रदीप अग्रवाल | विनय दाणी |
कुल मतदाताओं की संख्या 62,319 हैं
- पुरुष: 30,354
- महिलाएं: 31,953
- अन्य: 12
ट्रैफिक की समस्या बनी नासूर
धंतोली और रामदासपेठ जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या नासूर बन चुकी है। ये क्षेत्र प्रमुख बाजार क्षेत्र हैं और दैनिक यातायात जाम से नागरिकों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां ट्रैफिक जाम कम करने के लिए उचित योजना और प्रभावी यातायात प्रबंधन आवश्यक है।
भिखारियों की समस्या बनी सिरदर्द
धंतोली स्थित यशवंत स्टेडियम क्षेत्र में बड़ी संख्या में भिखारी दिखाई देते हैं। मनपा इस समस्या को नजरअंदाज करती नजर आ रही है। स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के बावजूद इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
अतिक्रमणकारियों की भरमार
धंतोली और रामदासपेठ दोनों प्रमुख क्षेत्रों में अतिक्रमण की समस्या गंभीर हो गई है। अतिक्रमण के कारण यातायात जाम हो रहा है। अतिक्रमण के कारण एम्बुलेंस का आवागमन भी बाधित हो रहा है और मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साथ ही नागरिकों को सड़कों का उपयोग करने में कठिनाई हो रही है।
पुरानी सीवेज लाइनों की समस्या बरकरार
सीताबर्डी की सीवर व्यवस्था भी वर्षों पुरानी है और इसकी लगातार मरम्मत की आवश्यकता रहती है। इसके अलावा क्षेत्र में चल रही बड़ी निर्माण परियोजनाओं के कारण सीवर लाइन अक्सर टूट जाती हैं जिससे लगातार समस्याएं उत्पन्न होती हैं। स्थानीय नागरिकों की कई शिकायतों के बावजूद समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
खेल के मैदान की आवश्यकता
धंतोली, मोदी गली, लक्ष्मी सिनेमा व्यस्त इलाके हैं। इन क्षेत्रों में महानगरपालिका द्वारा विकसित खेल के मैदान की आवश्यकता है। दुर्भाग्य से मनपा ने इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया है।
पुस्तकालय का अभाव
टेंपल बाजार, महाजन चॉल, टेकड़ी लाइन, गवलीपुरा और दांडीगे शिव मंदिर के आसपास के इलाकों में कोई पुस्तकालय नहीं है। नागरिकों से बातचीत के दौरान यादव ने कहा कि छात्रों के लिए एक आधुनिक पुस्तकालय स्थापित करने की आवश्यकता है।
कचरा संग्रहण आवश्यक
यशवंत स्टेडियम से मरियमनगर जाने वाले मार्ग की हर गली में कूड़ा-कचरा एक गंभीर समस्या बन गया है। कई जगहों पर स्थानीय नागरिक घरेलू कचरा, बेकार सामग्री या बासी खाना खुले में फेंक देते हैं। नतीजतन दुर्गंध फैली रहती है। ऐसे में यहां कचरा संग्रहण अति आवश्यक है।
प्रशासन को लेनी होगी जिम्मेदारी
जगह-जगह कूड़ा-कचरा पड़े होने की स्थिति को देखते हुए नगरपालिका प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि वह जमा हुए कचरे को तुरंत उठाकर उसका निपटारा करें। फिलहाल ऐसा होता हुआ नहीं दिख रहा है। परिणामस्वरूप, कचरा कई दिनों तक वहीं पड़ा रहता है और जिन क्षेत्रों में कचरा लंबे समय तक पड़ा रहता है, वे महामारी का ‘हॉटस्पॉट’ बन सकते हैं।
नदी के किनारे सुरक्षा दीवारें ढह गईं
नागा नदी की एक बड़ी धारा इस वार्ड से होकर बहती है। धरमपेठ से शुरू होकर यह धारा घाट रोड तक इस वार्ड में आती है। कुछ वर्ष पूर्व शहर को बाढ़ का सामना करना पड़ा था। तब नदी की सुरक्षा दीवारें ढह गईं थीं। परिणामस्वरूप नदी के किनारे रहने वाले नागरिकों का जीवन खतरे में पड़ गया था, इसलिए प्रशासन को इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
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प्रभाग की प्रमुख बस्तियां
गोकुलपेठ, शिवाजीनगर, शंकरनगर, एलएडी कॉलेज, दांडिके लेआउट, रामदासपेठ, धरमपेठ एक्सटेंशन, गिरिपेठ, महाराजबाग क्षेत्र, पत्रकार कॉलोनी, नागपुर विश्वविद्यालय, पंजाबराव देशमुख कॉलेज क्षेत्र, गवलीपुरा, पुलिस क्वार्टर, भगवाघर, खरे संगठन, मोरगांव, मटुसनगर, सीताबर्डी पुलिस स्टेशन, मरियमनगर, वसंतराव नाईक झोपड़पट्टी, लेंड्रा पार्क, दगड़ी पार्क, यशवंत स्टेडियम, छोटी धंतोली, कुंभार टोली, लक्ष्मी सिनेमा, नेताजी मार्केट, गवर्नमेंट टेक। स्कूल, शनि मंदिर, टेकड़ी लाइन, मंदिर बाजार, तेलीपुरा, आनंदनगर, सीताबर्डी, मोदी नंबर 1, 2, 3 शामिल हैं।
