चंद्रपुर में बाघ का हमला: तेंदूपत्ता तोड़ने गई महिला की दर्दनाक मौत, वन्यजीव संघर्ष की 14वीं शिकार
Chandrapur Tiger Attack: चंद्रपुर के नागभीड़ में तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गई महिला की बाघ के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई, वन विभाग जांच में जुटा है।
- Written By: अंकिता पटेल
बाघ हमला, महिला की मौत,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Chandrapur Wildlife Conflict: चंद्रपुर जिले के नागभीड़ तहसील क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां तेंदूपत्ता इकट्ठा करने जंगल गई एक महिला की बाघ के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मृतक महिला की पहचान वनिता उर्फ इंदिरा शंकर उइके (55) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह इस वर्ष जिले में वन्यजीव संघर्ष का शिकार बनने वाली 14वीं व्यक्ति हैं।
यह घटना मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे से 9 बजे के बीच नागभीड़ तहसील के किढाडी-मेंढा क्षेत्र में हुई। रोजमर्रा की तरह इंदिरा उइके सुबह अपनी तीन महिला साथियों के साथ जंगल में तेंदूपत्ता इकट्ठा करने गई थीं। इन दिनों जिले के जंगलों में बड़े पैमाने पर तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य चल रहा है, जिसके चलते ग्रामीण बड़ी संख्या में जंगल क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं।
महिलाएं जंगल के भीतर हनुमान मंदिर के पास तेंदूपत्ता एकत्र कर रही थीं, तभी अचानक घात लगाए बैठे एक बाघ ने इंदिरा उइके पर हमला कर दिया। हमला इतना तेज और अचानक था कि महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बाघ के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
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बाघ हमले से दहशत, जंगल जाने वालों में डर का माहौल
घटना के बाद साथ में मौजूद महिलाओं में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने तत्काल गांव पहुंचकर ग्रामीणों और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने घटनास्थल का पंचनामा कर शव को कब्जे में लिया तथा पोस्टमार्टम के लिए ग्रामीण अस्पताल भेज दिया।
इस घटना के बाद किढाडी-मेंढा और आसपास के गांवों में भय का माहौल फैल गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से जंगल क्षेत्रों में बाघों और अन्य जंगली जानवरों की गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे जंगल में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से तेंदूपत्ता संग्रहण के मौसम में बड़ी संख्या में ग्रामीण जंगलों में जाते हैं, ऐसे में वन्यजीव हमलों का खतरा और बढ़ जाता है।
बाघ हमले के बाद सर्च ऑपरेशन, ग्रामीणों में दहशत
वन विभाग ने घटना के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, ताकि बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जंगल क्षेत्र में अकेले न जाएं, समूह में रहें तथा सतर्कता बरतें। जरूरत पड़ने पर वन विभाग को तत्काल सूचना देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
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चंद्रपुर जिला लंबे समय से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को लेकर संवेदनशील माना जाता है। लगातार हो रहे बाघ हमलों ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। अब ग्रामीण वन विभाग से सुरक्षा उपायों को और सख्त करने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
