वर्ली जेटी पर हेलिपैड योजना का विरोध तेज, ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
Coastal Road के तहत वर्ली जेटी पर प्रस्तावित हेलिपैड का स्थानीय निवासियों ने विरोध किया है।ध्वनि प्रदूषण और VVIP मूवमेंट से आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों को लेकर प्रशासन को आपत्तियां भेजी गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
वर्ली जेटी हेलीपैड (सौ. सोशल मीडिया )
Worli Jetty Helipad Plan: मुंबई कोस्टल रोड परियोजना के तहत निर्मित वर्ली जेटी पर हेलिपैड बनाने की बीएमसी की योजना को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध तेज हो गया है।
वर्ली रेसिडेंट्स एसोसिएशन ने इस प्रस्ताव के खिलाफ बीएमसी आयुक्त, शहरी विकास विभाग और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को पत्र लिखकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। निवासियों का कहना है कि परियोजना पर पुनर्विचार किया जाए।
पीपीपी मॉडल पर हेलिपैड विकसित करने की योजना
बीएमसी की योजना के अनुसार, वर्ली जेटी को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत डीजीसीए लाइसेंस प्राप्त हेलिपैड में बदला जाना प्रस्तावित है। इस हेलिपैड का उपयोग आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, समुद्री निगरानी, आपदा प्रबंधन और वीवीआईपी आवागमन के लिए किया जा सकता है। प्रशासन का मानना है कि इससे आपात स्थिति में राहत कार्यों को गति मिलेगी।
सम्बंधित ख़बरें
29 जून का इतिहास: राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस: विकास की नींव बने आंकड़ों का महत्व समझने का दिन
महाराष्ट्र में PWD सड़कों पर होर्डिंग के नियम सख्त, अब सिर्फ 5 साल के लिए मिलेगी अनुमति
10 हजार ई-बसों के लक्ष्य के सामने ड्राइवरों की कमी, BEST को चाहिए 3,000 अतिरिक्त चालक
36 घंटे से ज्यादा ड्यूटी, नींद की कमी और मानसिक थकान….रेजिडेंट डॉक्टरों पर सर्वे ने बढ़ाई चिंता
ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा को लेकर चिंता
स्थानीय निवासियों ने घनी आबादी वाले क्षेत्र में हेलिकॉप्टर संचालन से अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण होने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि हेलिकॉप्टर का शोर 100 से 120 डेसिबल तक पहुंच सकता है, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिहाज से हानिकारक साबित हो सकता है। साथ ही दुर्घटना या तकनीकी समस्या की स्थिति में सुरक्षा जोखिम भी बढ़ सकता है।
ये भी पढ़ें :- भिवंडी मनपा में सत्ता की जंग तेज, ऑर्डर मिलते ही महापौर चुनाव में बढ़ेगी सियासी हलचल
ट्रैफिक और वीवीआईपी मूवमेंट से परेशानी का डर
निवासियों ने यह भी चिंता जताई है कि हेलिपैड शुरू होने से क्षेत्र में यातायात अव्यवस्था बढ़ सकती है और बार-बार होने वाले वीवीआईपी मूवमेंट से आम नागरिकों को असुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से परियोजना के सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभावों का विस्तृत अध्ययन कर निर्णय लेने की मांग की है।
