Mumbai Small Value Dispenser ATM Cash: रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे नोटों की कमी एक आम परेशानी बन चुकी है। चाय की दुकान पर भुगतान करते समय, ऑटो का किराया देते वक्त या स्थानीय बाजार में खरीदारी के दौरान अक्सर 10, 20 या 50 रुपये के नोट न मिलने से लोगों को असुविधा होती है। अब इस समस्या के समाधान के लिए Reserve Bank of India ने एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसके तहत एटीएम से छोटे मूल्य के नोट निकालना संभव हो सकेगा।
इस संबंध में Pankaj Chaudhary ने राज्यसभा में लिखित जवाब देते हुए जानकारी दी कि आरबीआई ने “स्मॉल वैल्यू डिस्पेंसर” नामक विशेष मशीनों का परीक्षण शुरू किया है। पारंपरिक एटीएम मशीनों से अब तक मुख्य रूप से 100, 200 या 500 रुपये के नोट ही निकलते थे, जिससे छोटे लेनदेन में लोगों को दिक्कत होती थी।
नई मशीनें विशेष रूप से 10, 20 और 50 रुपये के नोट देने के लिए डिजाइन की गई हैं। फिलहाल मुंबई जैसे शहरों में इसका पायलट ट्रायल चल रहा है। यदि यह सफल रहा तो इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू किया जा सकता है।
मंत्री चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में छोटे नोटों की कोई कमी नहीं है। संसद में दिए गए आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 10 रुपये के 43,940 लाख, 20 रुपये के 19,370 लाख और 50 रुपये के 13,030 लाख नोट छापे जा चुके हैं। पिछले वर्षों की तुलना में इन नोटों का उत्पादन भी काफी बढ़ा है।
यह पहल उन लोगों के लिए खास राहत लेकर आ सकती है जो अभी भी नकद लेनदेन पर अधिक निर्भर हैं, विशेषकर छोटे व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए। अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले समय में एटीएम से सीधे छोटे नोट निकालना संभव होगा और रोजमर्रा के लेनदेन में छुट्टे पैसों की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।
आरबीआई का यह कदम आम नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिससे नकद लेनदेन और बैंकिंग व्यवस्था दोनों को और अधिक सुगम बनाया जा सकेगा।