कौन है रोहित आर्या? बच्चों को किडनैप कर दी थी आग लगाने की धमकी, शिवसेना नेता से भी है कनेक्शन!
Mumbai Children Hostage News: रोहित आर्या ने कई सरकारी परियोजनाओं में पैसा लगाया था, लेकिन उसमें उसे भारी नुकसान हुआ। वह खुद को इस नुकसान के लिए सरकार और संबंधित विभागों को जिम्मेदार ठहराता था।
- Written By: अर्पित शुक्ला
कौन है रोहित आर्या?
Who is Rohit Arya: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के पवई इलाके में गुरुवार को एक चौंकाने वाली घटना हुई, जिसने पूरे शहर को हिला दिया। यहां 15 साल से कम उम्र के 17 बच्चों को बंधक बनाने का मामला सामने आया। ये सभी बच्चे ऑडिशन देने के लिए आरए स्टूडियो (RA Studio) पहुंचे थे। दोपहर तक जब बच्चे बाहर नहीं आए, तो उनके माता-पिता ने चिंता जताई।
वीडियो जारी कर दी धमकी
इसी बीच एक व्यक्ति ने वीडियो जारी कर दावा किया कि उसने बच्चों को बंधक बना लिया है। उस व्यक्ति का नाम रोहित आर्या था। वीडियो में उसने कहा कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई, तो वह स्टूडियो में आग लगा देगा। वीडियो सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और पुलिस तुरंत हरकत में आ गई।
बता दें कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई फायरिंग में उसे गोली लगी थी, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने इलाज के दौरान रोहित आर्या को मृत घोषित कर दिया।
सम्बंधित ख़बरें
दीपोत्सव से पहले अयोध्या को मिलेगी दशरथ पथ की सौगात, त्रेतायुग की स्मृतियों से जुड़ेगा रामनगरी का नया मार्ग
ED डायरेक्टर राहुल नवीन का कार्यकाल एक साल बढ़ा, अब अगस्त 2027 तक संभालेंगे कमान
CM योगी ने सिद्धार्थनगर को दी बड़ी सौगात, 107 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास; विपक्ष पर कसा तंज
कॉकरोच कहने वाले से नहीं चाहिए डिग्री…CJI सूर्यकांत को हैदराबाद की यूनिवर्सिटी में बुलाने पर भड़के छात्र
आख़िर क्यों किया ऐसा?
जांच में सामने आया कि रोहित आर्या ने कई सरकारी परियोजनाओं में पैसा लगाया था, लेकिन उसमें उसे भारी नुकसान हुआ। वह खुद को इस नुकसान के लिए सरकार और संबंधित विभागों को जिम्मेदार ठहराता था। बताया जा रहा है कि अपनी बात सरकार तक पहुंचाने या ध्यान आकर्षित करने के लिए उसने यह खतरनाक कदम उठाया। उसने विज्ञापनों में काम दिलाने के बहाने बच्चों को ऑडिशन के लिए बुलाया था।
कौन है रोहित आर्या?
रोहित आर्या पुणे का रहने वाला था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जब शिवसेना नेता दीपक केसरकर महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री थे, तब रोहित आर्या को एक स्कूल प्रोजेक्ट का टेंडर मिला था। उसका आरोप था कि उस प्रोजेक्ट के भुगतान उसे नहीं मिले। इसके चलते वह पिछले कुछ वर्षों से नाराज़ था। बताया जाता है कि उसने उस समय मंत्री के आवास के बाहर कई बार विरोध प्रदर्शन भी किया था।
यह भी पढ़ें- सोलापुर में ठाकरे गुट की शिवसेना में जमकर हंगामा, बैठक में संपर्कप्रमुख पर बरसे शिवसैनिक
अब उठ रहे हैं बड़े सवाल
पवई जैसे हाई-सिक्योरिटी इलाके में बच्चों को बंधक बनाए जाने की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। गनीमत रही कि पुलिस की तेज कार्रवाई से सभी बच्चे सुरक्षित बचा लिए गए। अब जांच इस बात की भी की जा रही है कि क्या रोहित आर्या के साथ कोई और भी शामिल था या उसने यह कदम अकेले उठाया।
