Local Train: अप्रैल से जेएनपीटी तक शुरू होगा वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर, मुंबई लोकल को राहत
Maharashtra: अप्रैल से वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के जेएनपीटी तक पूरी तरह शुरू होने से 50–55 मालगाड़ियां नए ट्रैक पर शिफ्ट होंगी, जिससे मुंबई लोकल और मेल ट्रेनों की समयपालन क्षमता बेहतर होगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
पश्चिम रेलवे (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: अप्रैल से वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का पूर्ण चरण जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (जेएनपीटी) तक परिचालन में आ जाएगा। इसके शुरू होने से मुंबई उपनगरीय रेल सेवाओं की समय पालन क्षमता में लगभग 2 प्रतिशत तक सुधार होने की उम्मीद है।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस नए कॉरिडोर से पश्चिम रेलवे के मौजूदा ट्रैक पर दबाव कम होगा और लोकल व मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध हो सकेगी। यह समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर दादर से नवी मुंबई स्थित जवाहरलाल नेहरू पोर्ट को जोड़ता है।
प्रभावित हो रहा था यात्री ट्रेनों का परिचालन
अब तक मालगाड़ियां पश्चिम और मध्य रेलवे के साझा ट्रैक का उपयोग कर रही थीं, जिससे उपनगरीय और लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों का संचालन काफी हद तक प्रभावित होता था। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा विकसित इस कॉरिडोर के चालू होने से यह स्थिति बदलने वाली है।
सम्बंधित ख़बरें
शाह फॉर्मूले में शिंदे को शह: विधान परिषद चुनाव में 11 सीटों के साथ BJP बनी बड़ा भाई, शिंदे और पवार बैकफुट पर
जनता का पैसा और अफसरों की अय्याशी; BKC के पार्क में आम नागरिकों की एंट्री बंद होने पर भड़के वरुण सरदेसाई
तीसरी मुंबई में कहां से आएगा पानी ? उरण के 25,000 परिवारों के सामने जल संकट, फंड की कमी से जलजीवन स्कीम लटकी
रूपाली चाकणकर की भूमिका न निभाएं, अभिनेत्री दीपाली सय्यद को फोन पर मिल रही धमकियां; किया बड़ा खुलासा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 50 से 55 मालगाड़ियां पश्चिम रेलवे के ट्रैक से होकर संचालित होती है। अप्रैल से इन सभी मालगाड़ियों को पूरी तरह नए समर्पित फेट कॉरिडोर पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इन परिचालनों के परिणामस्वरूप पश्चिम रेलवे के मौजूदा नेटवर्क पर यातायात का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।
कॉरिडोर का पूर्ण परिचालनः 15 अप्रैल
शिफ्ट होने वाली मालगाड़ियां प्रतिदिन 50-55
1 मालगाडी = 1.5 मेल/यात्री ट्रेन
माल गाड़ी हटने से ट्रैक क्षमता में होगी बढ़ोतरी
रेलवे सूत्रों का कहना है कि एक मालगाड़ी की लंबाई लगभग डेढ मेल या यात्री ट्रेन के बराबर होती है। ऐसे में इन मालगाडियों के हटने से ट्रैक क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, इसका सीधा लाभ यह होगा कि न केवल लोकल ट्रेनों की समयपालन सुधरेगी, बल्कि भविष्य में अतिरिक्त मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की भी सभावना बनेगी।
ये भी पढ़ें :- Maharashtra: बीएमसी चुनाव को लेकर प्रशासन की कड़ी तैयारी, पुलिस से समन्वय पर जोर
मुंबई जैसे व्यस्त रेल नेटवर्क में यह बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि समर्पित फ्रेट कॉरिडोर से यात्री और माल परिवहन को अलग-अलग संभालना संभव होगा, जिससे दोनों ही सेवाएं अधिक सुचारू और विश्वसनीय बन सकेंगी, आने वाले दिनों में इसका असर यात्रियों को बेहतर समय-सारणी और कम देरी के रूप में दिख सकता है।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए अभिषेक पाठक की रिपोर्ट
