बॉम्बे हाईकोर्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Wadala Custodial Death Case Update: वडाला पुलिस स्टेशन की हिरासत में हुई विजय सिंह (26) की मौत के चर्चित मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को दोषमुक्त कर दिया है।
न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि युवक की मौत पुलिस प्रताड़ना से नहीं, बल्कि अचानक आए कार्डियक अरेस्ट (हृदयाघात) से हुई थी।
यह मामला 27 अक्टूबर 2019 की रात का है, जब त्योहारों का माहौल था। वडाला टीटी इलाके के एमएमआरडीए कंपाउंड में दो गुटों के बीच झगड़ा सुलझाने गई पुलिस ने विजय सिंह को हिरासत में लिया था।
पुलिस स्टेशन में विजय की छाती में तेज दर्द हुआ। पुलिस उसे सायन अस्पताल ले गई, लेकिन डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ (मृत) घोषित कर दिया। परिजनों ने पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाते हुए इसे हत्या करार दिया, जिसके बाद पूरे इलाके में हिंसक प्रदर्शन और तनाव व्याप्त हो गया था।
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सच को सामने लाने के लिए जांच की कमान कई बार बदली। पहले विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच की और पुलिस को बेगुनाह पाया। परिवार की असंतुष्टि के बाद हाई कोर्ट ने 11 सितंबर 2025 को मामला सीबीआई को सौंपा। सीबीआई ने एम्स (दिल्ली), जेजे अस्पताल और केईएम अस्पताल के मेडिकल विशेषज्ञों का एक पैनल बनाया, जिसने वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर ‘हृदय रोग’ को ही मौत की असली वजह बताया।