बहू तेजस्वी के BJP में शामिल होने पर भावुक हुए ससुर विनोद घोसालकर, बोले- आज अभिषेक होता तो...

Vinod Ghosalkar Emotional Statement: दहिसर के पूर्व विधायक विनोद घोसालकर बहू तेजस्वी के बीजेपी में शामिल होने पर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि एक ही घर में दो पार्टियों का दर्द स्वीकार करना होगा।
Vinod Ghosalkar On Tejasvee BJP Joining
तेजस्वी भाजपा ज्वाइन करते हुए व उनके ससुर विनोद घोसालकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Vinod Ghosalkar On Tejasvee BJP Joining: मुंबई के दहिसर से शिवसेना (यूबीटी) के नेता और पूर्व विधायक विनोद घोसालकर उस समय भावुक हो गए जब उनकी बहू तेजस्वी घोसालकर बीजेपी में शामिल हो गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें एक ही घर में दो पार्टियां होने का दर्द स्वीकार करना होगा, और अगर उनका बेटा अभिषेक यहां होता तो यह सवाल नहीं उठता।

शिवसेना के नेता और पूर्व विधायक विनोद घोसालकर ने स्पष्ट किया कि भले ही उनकी बहू तेजस्वी घोसालकर बीजेपी में चली गई है, वह अभी भी शिवसेना में हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी घर, परिवार और राजनीति को एक साथ नहीं मिलाया है, और उनका परिवार अभी भी जॉइंट फैमिली में रहता है।

बेटे और बहू में फर्क होता है: विनोद घोसालकर

विनोद घोसालकर ने दुख के साथ कहा कि अगर अभिषेक (उनका बेटा और तेजस्वी के पति) आज यहां होता, तो यह सवाल उठता ही नहीं। उन्होंने कहा, "बेटे और बहू में फर्क होता है? हम अपने बेटे को कभी भी डांट सकते हैं, लेकिन बहू को ऐसा नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी कहा कि आप अपने बेटे के कान कभी भी खींच सकते हैं, लेकिन आप अपनी बहू के कान नहीं खींच सकते। उन्होंने जोर देकर कहा कि भले ही तेजस्वी उनकी बहू है, लेकिन उसे अपने फैसले लेने का अधिकार है।

फैसले पर दबाव नहीं डाल सकते

विनोद घोसालकर ने बताया कि तेजस्वी ने यह फैसला लेने से ठीक पहले उन्हें सूचित किया था। उन्होंने बताया कि 'कल शाम को उसने मुझसे कहा, डैडी, मैं यह कर रही हूं।' परिवार के मुखिया के तौर पर, उन्होंने उसे वह कहा जो उन्हें कहना था, लेकिन वह उस पर दबाव नहीं डाल सकते। उन्होंने तुरंत शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख को भी तेजस्वी के इस फैसले की जानकारी दी। घोसालकर ने दुख जताया कि पिछले 10 सालों से राजनीति में ऐसा होने लगा है, जहां परिवार सिस्टम टूट रहा है। अब उन्हें यह स्वीकार करना होगा कि एक ही घर में दो पार्टियां हैं।

मुंबई बैंक की डायरेक्टरीशिप पर भी उठाए सवाल

विनोद घोसालकर ने मुंबई बैंक के चुनावों में डायरेक्टरीशिप पर भी बात की, जहां उनके बेटे अभिषेक ने दो बार चुनाव जीता था। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने मांग की थी कि अभिषेक को उनकी जगह दी जाए, लेकिन उन्हें उसे अपॉइंट करने में एक साल लग गया। घोसालकर ने कहा कि उन्हें इसका कारण नहीं पता कि इसमें इतना समय क्यों लगा।

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