पराग अलवानी और संजय उपाध्याय
मुंबई. जोखिमभरे और चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व हमेशा से विख्यात रहा है। लोकसभा चुनाव में मुंबई के तीन मौजूदा सांसदों का टिकट काट कर नए लोगों को मौका देनेवाली बीजेपी, विधानसभा चुनाव में भी ऐसा ही कोई चकित करने वाला निर्णय ले तो किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए। सूत्रों का ऐसा दावा है कि इस बार विधानसभा चुनाव में बीजेपी उत्तर मध्य मुंबई सहित अन्य लोकसभा चुनाव क्षेत्रों के विधान सभा सीटों पर ऐसा ही कुछ हटके करने जा रही है।
विलेपार्ले विधानसभा क्षेत्र से विधायक पराग अलावणी वाली सीट पर संजय उपाध्याय तैयारी कर रहे है। संजय मुंबई बीजेपी के तीन बार के महामंत्री है और उनके समर्थकों का दावा है कि जब राजस्थान बीजेपी के तीन बार के महामंत्री और पहली बार के विधायक भजन लाल शर्मा मुख्यमंत्री बन सकते है तो किसी भी सीट पर पार्टी किसी का भी टिकट काट कर किसी को भी मौका दे सकती है। सूत्रों का दावा है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से संजय को उम्मीदवारी के संकेत मिल गए हैं और उसी के अनुरूप संजय चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुट भी गए हैं।
लोकसभा चुनाव में उत्तर मध्य मुंबई जिले से बीजेपी ने अपनी तत्कालीन सांसद पूनम महाजन का टिकट काटकर 26/11 मुंबई आतंकी हमले के गुनहगार आमिर अजमल कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाने वाले एडवोकेट उज्जवल निकम को उम्मीदवार बनाया था। चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार वर्षा गायकवाड को निकम की तुलना में कमजोर प्रत्याशी माना जा रहा था लेकिन निकम फिर भी हार गए।
सूत्रों का कहना है कि निकम की अप्रत्याशित हार को पार्टी द्वारा कराई गई जांच में पता चला है कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी और संघ परिवार के प्रभाव वाले वोट पार्टी को मिले, लेकिन सीटिंग विधायकों एवं दूसरे जनप्रतिनिधि निकम को अतिरिक्त वोट दिलाने में नाकाम रहे। नतीजतन पार्टी को उत्तर मध्य मुंबई की सीट गंवानी पड़ी। इसकी गाज अब संबंधित विधायक और पिछली बार चुनाव लड़े नेताओं पर गिर सकती है। ऐसे विधायकों में विलेपार्ले से पार्टी विधायक पराग अलावणी का नाम सामने आ रहा हैं।
यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: सीट बंटवारे पर मंथन, अमित शाह से मिले फडणवीस और बावनकुले
पराग पिछले 10 वर्षों से विलेपार्ले में विधायक हैं, उसके पहले नगरसेवक रह चुकी है। उनकी पत्नी भी निर्दलीय नगरसेवक निर्वाचित हो चुकी है। कोंकणी मराठी, गुजराती व उत्तरभारतीय बहुलता वाले इस क्षेत्र से पार्टी को ढेरों उम्मीदें थीं। हालांकि इस क्षेत्र से निकम को वर्षा गायकवाड़ से दोगुना वोट मिले हैं तथा जिले के दूसरे किसी भी अन्य विधानसभा क्षेत्र की तुलना से ज्यादा वोट मिले हैं फिर भी यहां से पार्टी को और ज्यादा की उम्मीदें थीं। इस लिहाज से पराग की दावेदारी कमजोर नहीं है, लेकिन मुंबई बीजेपी के महामंत्री पद बैठे नेता यदि क्षेत्र में सक्रिय होकर काम कर रहा है तो इसको भी हवा में नहीं उड़ाया जा सकता है, निश्चित रूप से इस क्षेत्र को लेकर पार्टी कुछ चौकाने वाले फैसले की ओर बढ़ रही है।
उत्तर मध्य मुंबई से भाजपा के लोकसभा उम्मीदवार एड. उज्जवल निकम ने कहा कि मैंने अपनी हार का सहज स्वीकार किया था तथा हार को लेकर किसी के बारे में किसी की शिकायत नहीं की है। किसी निगेटिव रिपोर्ट को कोई जानकारी मुझे नहीं है।
संजय उपाध्याय ने कहा कि राजनीति में महत्वाकांक्षा होनी ही चाहिए। मैं क्षेत्र का निवासी हूं और वर्षों से क्षेत्र में जनहित के काम करता रहा हूं। वरिष्ठों के निर्देश एवं मार्गदर्शन के अनुसार पार्टी में विभिन्न जिम्मेदारियों को निभाता आया हूं। आगे उम्मीदवारी की इच्छा भी रखता हूं। यदि पार्टी मौका देती है तो मैं चुनाव लड़ने को तैयार हूं।
विधायक पराग अलावणी ने कहा कि मैं 10 साल से क्षेत्र का विधायक हूं। लोगों से मेरा सीधा संपर्क रहा है। मेरे विधानसभा क्षेत्र के हर वार्ड में मेरे कार्यों की एक अलग पुस्तक बनाई जा सकती है। मेरे क्षेत्र में कोई और भी इच्छुक हो सकता है। लेकिन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने किसी और को तैयारी करने के संकेत दिए हैं, यह मैं नहीं मान सकता, क्योंकि अभी तक उम्मीदवारी नहीं दिए जाने से संबंधित कोई निर्देश मुझे नहीं मिला है।