कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Vijay Wadettiwar On Ashok Kharat: कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने यह कह कर हड़कंप मचा दिया है कि सबूत को मिटाने के लिए ढोंगी तांत्रिक अशोक खरात का पुलिस एनकाउंटर भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस मामले के तार सीधे कैबिनेट तक पहुंच गए हैं।
खास कर तीन मंत्रियों की भूमिका काफी सदेहास्प्द है। ऐसे में मुझे शक है कि सबूत मिटाने के लिए खरात का एनकाउंटर भी किया जा सकता है। वडेट्टीवार ने कहा कि अशोक खरात का लैपटॉप और दूसरा सामान जब्त कर लिया गया है। लेकिन उसमें लगी पेन ड्राइव सामने क्यों नहीं लाई जा रही है। अगर वह सामने आ गई तो कैबिनेट के दो-तीन मंत्रियों के विकेट गिर जाएंगे।
वडेड्डीवार ने कहा कि रुपाली चाकणकर को भले ही राज्य महिला अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया है लेकिन वे अब भी राकां के कई पदों पर काम कर रही है। राकां के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे खुद चाकणकर को बचाने में लगे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ही इस समय राकां में दो ‘बॉस’ हैं और ये दोनों नेता ही पार्टी के सभी फैसले ले रहे है।
विधानसभा में दावा किया कि सत्ताधारी दल के कुछ मंत्री व विधायकों ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पद से हटाने के लिए काला जादू और अघोरी पूजा का इस्तेमाल किया। विधान मंडल के बजट सत्र के अंतिम दिन उन्होंने यह सनसनीखेज दावा करके राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। आव्हाड ने कहा कि कुछ नेता फडणवीस को सीएम पद से हटाने की साजिश रच रहे थे। संबंधित नेता खरात के पास गए और अघोरी पूजा की और उन्हें भरोसा दिलाया, मुझे कुछ दिन दीजिए, मुख्यमंत्री अपने घर चले जाएंगे।
खरात सेक्स स्कैंडल मामले में कई नेताओं और आला अधिकारियों के नाम उछल रहे हैं। इस मामले में पहले अधिकारी पर गाज गिरी है। जिससे लालफीताशाही में हड़कंप मच गया है। एसआरए के डिप्टी कलेक्टर पद पर कार्यरत अभिजीत भांडे पाटिल का डेप्युटेशन खत्म कर दिया गया है और उनका तबादला मंत्रालय में कर दिया गया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया है कि अगर महायुति सरकार खरात मामले में ईमानदारी से कार्रवाई करती है, तो कुल मिला कर दो दर्जन अधिकारी व मंत्री जेल जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी ढोंगी तांत्रिक साथ तस्वीरें सामने आई हैं।
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सपकाल ने कहा कि ढोंगी बाबा अशोक खरात के इशानेश्वर मंदिर को देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने वर्ष 2018 में 1।5 करोड़ रुपये का अनुदान दिया था। उस समय फडणवीस के कार्यालय में कार्यरत और वर्तमान में म्हाडा के अधिकारी मिलिंद बोरीकर के भी इस बाबा से अत्यंत करीबी संबंध थे, ऐसी जानकारी सामने आ रही है।