Eknath Shinde Safety Assurance (फोटो क्रेडिट-X)
Eknath Shinde Safety Assurance: महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधान भवन को बम से उड़ाने की मिली धमकी अंततः बोगस निकली है। गुरुवार को आधिकारिक ई-मेल के जरिए मिली इस चेतावनी के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था, लेकिन गहन जांच और सर्च ऑपरेशन के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया है कि परिसर पूरी तरह से सुरक्षित है। वहीं मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी सदन को आश्वस्त किया कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है और विधानसभा की कार्यवाही अपने निर्धारित समय और नियम के अनुसार सुचारू रूप से जारी रहेगी।
धमकी मिलने के तुरंत बाद, एहतियात के तौर पर विधान भवन परिसर में सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया था। डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने चप्पे-चप्पे की तलाशी ली, जिसमें कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मामले पर सदन में जानकारी दी और बताया कि पुलिस की साइबर सेल धमकी भेजने वाले आईपी (IP) एड्रेस को ट्रैक कर रही है।
#WATCH Mumbai: On Mumbai Vidhan Bhavan recieved a bomb threat via email this morning, Maharashtra Deputy Chief Minister Eknath Shinde says, “It was bogus. The police have investigated it. Vidhan Bhavan is completely safe, and its operations are running smoothly…” pic.twitter.com/DLkvqqSTCH — ANI (@ANI) March 12, 2026
विधान भवन कार्यालय को ई-मेल प्राप्त होते ही परिसर को आंशिक रूप से खाली करा लिया गया था। वीआईपी (VIP) और मंत्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर एंट्री पॉइंट्स पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। करीब 3 घंटे तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने ‘ऑल क्लियर’ का सिग्नल दिया। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बताया कि यह एक शरारतपूर्ण कृत्य (Hoax) प्रतीत होता है, जिसका उद्देश्य सत्र की कार्यवाही में बाधा डालना था। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अब भी हाई अलर्ट पर हैं और परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए बढ़ाई गई है।
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उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद सदन में विपक्षी दलों की चिंता भी कम हुई है। एकनाथ शिंदे ने कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर को किसी भी धमकी के दबाव में नहीं आने दिया जाएगा। बजट सत्र के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा जारी रहेगी और किसी भी सूरत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को रोका नहीं जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में कोई भी ढिलाई नहीं बरती जाएगी और विधायकों व कर्मचारियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन को जानकारी दी कि मुंबई पुलिस की साइबर सेल इस ‘फेक कॉल/ई-मेल’ की जड़ तक पहुंच रही है। प्राथमिक जांच के अनुसार, ई-मेल को किसी विदेशी सर्वर या वीपीएन (VPN) के जरिए भेजने की कोशिश की गई है ताकि पहचान छिपाई जा सके। फडणवीस ने आश्वासन दिया कि इस तरह की अफवाह फैलाने वाले और दहशत पैदा करने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब पिछले कुछ दिनों में मिली ऐसी ही अन्य धमकियों और इस मामले के बीच संबंध की भी जांच कर रही है।