महाराष्ट्र विधान भवन को बम से उड़ाने की धमकी, बजट सत्र के बीच मची भगदड़, चप्पे-चप्पे की जांच जारी

Maharashtra Vidhan Bhavan Bomb Threat: महाराष्ट्र विधान भवन को बम से उड़ाने की ईमेल धमकी के बाद बजट सत्र के दौरान सुरक्षा कड़ी की गई है। डॉग स्क्वॉड और BDDS की जांच जारी है।
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महाराष्ट्र विधान भवन (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Bomb Threat Budget Session: महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र के बीच मुंबई से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। दक्षिण मुंबई स्थित विधान भवन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। यह धमकी विधान भवन कार्यालय के आधिकारिक ई-मेल अकाउंट पर भेजी गई, जिसमें दावा किया गया कि परिसर में विस्फोटक रखे गए हैं। इस सूचना के मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और पूरे भवन को खाली कराकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

धमकी भरे ई-मेल के बाद विधान भवन के भीतर मौजूद मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मुंबई पुलिस की कई टीमें, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता (BDDS) चप्पे-चप्पे की गहनता से जांच कर रहे हैं। फिलहाल, सुरक्षा के मद्देनजर विधान भवन के सभी प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं और भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

बजट सत्र के बीच वीआईपी सुरक्षा पर संकट

जिस समय यह धमकी मिली, उस समय सदन में बजट सत्र की कार्यवाही चल रही थी। परिसर में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित राज्य के कई वीआईपी (VIP) मौजूद थे। अचानक मिली इस चेतावनी ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर बाहरी लोगों और मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी है। सुरक्षाकर्मी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इमारत के हर कोने, पार्किंग एरिया और कैंटीन की सघन तलाशी ली जाए ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।

साइबर सेल और बैक-ट्रैकिंग जांच शुरू

मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने ई-मेल भेजने वाले अज्ञात आरोपी की तलाश तेज कर दी है। जिस ई-मेल आईडी से यह संदेश भेजा गया है, उसे बैक-ट्रैक किया जा रहा है ताकि सेंडर के आईपी (IP) एड्रेस और लोकेशन का पता लगाया जा सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह किसी शरारती तत्व की 'हॉक्स कॉल' (झूठी धमकी) है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। पिछले कुछ हफ्तों में मुंबई के कोर्ट और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी इसी तरह की धमकियां मिली थीं, जिसके तार इस घटना से जोड़े जा रहे हैं।

सर्च ऑपरेशन जारी: अब तक कुछ संदिग्ध नहीं

राहत की बात यह है कि घंटों चले सर्च ऑपरेशन के बाद अब तक परिसर के भीतर कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहतीं। जब तक बम निरोधक दस्ता पूरे परिसर को 'क्लीयर' घोषित नहीं कर देता, तब तक लॉकडाउन जैसी स्थिति बनी रहेगी। विधानसभा की कार्यवाही को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा संतुष्टि के बाद ही मंत्रियों और विधायकों को पुनः परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

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