Versova Bandra Sea Link (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai Sea Link Fishermen Compensation: मुंबई में चल रही विभिन्न आधारभूत (इंफ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं के कारण प्रभावित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी क्रम में वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक परियोजना से प्रभावित मछुआरों की समस्याओं को देखते हुए राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है।
नितेश राणे की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित बैठक में मछुआरों के नुकसान का आकलन करने और उनकी भरपाई के उपाय सुझाने के लिए एक विशेष अध्ययन समूह (स्टडी ग्रुप) गठित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पूर्व विधायक किरण पावस्कर सहित विभिन्न मछुआरा समाजों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें रखीं। प्रमुख निकायों में परियोजना के दौरान होने वाले नुकसान के लिए हर साल मुआवजा देने, माहिम के मछुआरों को भी वर्ली की तरह मुआवजा देने तथा प्रत्येक पंजीकृत नाव के लिए अलग-अलग मुआवजा निर्धारित करने की मांग शामिल रही।
मंत्री नितेश राणे ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के माध्यम से पूरी की जा रही है, लेकिन इसके कारण प्रभावित मछुआरों के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक महीने के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर समाधान प्रस्तुत किया जाए।
ये भी पढ़े: कोलाम समाज के लांग मार्च का यवतमाल में समापन, पालकमंत्री संजय राठौड़ ने लिया संज्ञान
बैठक में यह भी याद दिलाया गया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पहले भी मछुआरों को मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए थे। राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि परियोजना के कारण किसी भी मछुआरे को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।