रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन का नियम बदला, आखिरी 8 घंटे में कैंसिल करने पर नहीं मिलेगा कोई रिफंड
Railways Ticket Cancellation Rule: भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
Indian Railways Ticket (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai News: गर्मी के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच Indian Railways अपने करोड़ों यात्रियों के लिए टिकट कैंसिलेशन से जुड़ा नया नियम लागू करने जा रहा है। रेल मंत्रालय द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, कन्फर्म टिकट रद्द कराने पर अब यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक कटौती का सामना करना पड़ेगा।
समय के आधार पर तय होगा रिफंड
नए नियमों के तहत टिकट कैंसिलेशन को और सख्त बना दिया गया है। यात्री ट्रेन छूटने से कितने समय पहले टिकट रद्द करते हैं, उसी आधार पर रिफंड की राशि तय होगी। जैसे-जैसे ट्रेन के प्रस्थान का समय नजदीक आएगा, जुर्माना उतना ही बढ़ता जाएगा।
3 दिन पहले करें कैंसिलेशन
यदि यात्री यात्रा से 72 घंटे (3 दिन) पहले अपना कन्फर्म टिकट रद्द करते हैं, तो उन्हें अधिकतम रिफंड मिलेगा। इस स्थिति में केवल न्यूनतम निर्धारित फ्लैट कैंसिलेशन शुल्क ही काटा जाएगा।
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72 से 24 घंटे के बीच
यदि टिकट ट्रेन छूटने से 72 घंटे से कम और 24 घंटे से पहले रद्द किया जाता है, तो कुल किराए का 25 प्रतिशत हिस्सा काट लिया जाएगा। इसके साथ न्यूनतम शुल्क भी लागू रहेगा।
24 से 8 घंटे के बीच
इस श्रेणी में सबसे बड़ा बदलाव किया गया है। अब ट्रेन प्रस्थान से 24 घंटे से 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर सीधे 50 प्रतिशत किराया काट लिया जाएगा। पहले यह नियम 12 से 4 घंटे के बीच लागू होता था।
8 घंटे से कम समय में नहीं मिलेगा रिफंड
रेलवे ने अब ‘लास्ट आवर’ रिफंड की सुविधा लगभग समाप्त कर दी है। यदि ट्रेन छूटने में 8 घंटे से कम समय बचा है, तो टिकट कैंसिल कराने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। पहले यात्रियों को 4 घंटे पहले तक कुछ रिफंड मिल जाता था, लेकिन अब यह समय सीमा बढ़ाकर 8 घंटे कर दी गई है।
यात्रियों पर असर
इस नए नियम का असर आम यात्रियों पर पड़ सकता है। हालांकि रेलवे का कहना है कि इन नियमों का मुख्य उद्देश्य टिकटों की कालाबाजारी और आखिरी समय पर होने वाली अनावश्यक कैंसिलेशन को रोकना है। इससे उन यात्रियों को लाभ मिलेगा जो वास्तव में यात्रा करना चाहते हैं।
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रेलवे के अनुसार डिजिटल लेन-देन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए Ticket Deposit Receipt की प्रक्रिया को भी और सरल बनाया जा रहा है, ताकि वैध कारणों से यात्रा न कर पाने वाले यात्रियों को राहत मिल सके।
चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे नियम
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। अप्रैल के मध्य तक पूरे देश में नई रिफंड नीति लागू हो जाएगी।
बोर्डिंग का नियम भी बदला
रेलवे ने 1 अप्रैल से ट्रेनों के बोर्डिंग नियम में भी बदलाव किया है। अब यात्री ट्रेन छूटने से आधे घंटे पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा चार्ट बनने से पहले तक उपलब्ध थी। नए बोर्डिंग नियम से यात्रियों को कुछ राहत मिल सकती है।
