तुम्हारे बच्चे प्यारे, हमारे बच्चे बकरे, वडेट्टीवार का जरांगे से सवाल, बोले विधायकी जाए चूल्हे में..
Vijay Wadettiwar: वडेट्टीवार ने सरकार पर सीधे तौर पर जरांगे पाटिल के आगे झुकने का आरोप लगाते हुए कहा कि मराठा आरक्षण को लेकर जारी सरकारी आदेश 'ओबीसी के गर्दन पर छुरा चलाने जैसा' है।
- Written By: आंचल लोखंडे
वडेट्टीवार का जरांगे से सवाल, बोले विधायकी जाए चूल्हे में.. (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Mumbai News: ओबीसी समाज तथा विधानसभा में कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर में ओबीसी महामोर्चा में राज्य सरकार की आरक्षण नीतियों पर जोरदार हमला बोला। वडेट्टीवार ने सरकार पर सीधे तौर पर जरांगे पाटिल के आगे झुकने का आरोप लगाते हुए कहा कि मराठा आरक्षण को लेकर जारी सरकारी आदेश ‘ओबीसी के गर्दन पर छुरा चलाने जैसा’ है। उन्होंने जरांगे पाटिल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह हमेशा मराठा समाज के अपने बच्चों की दुहाई देते हैं। यदि उनके बच्चे, बच्चे हो तो क्या हमारे बच्चे बकरी हैं?
वडेट्टीवार ने आरक्षण के गणित को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “देश में 85 प्रतिशत समाज (एससी, एसटी और ओबीसी मिलाकर) को जहां केवल 52 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, वहीं 15 प्रतिशत लोगों को 48 प्रतिशत आरक्षण मिला है। यह शुद्ध ‘चाणक्य नीति’ है। यह 15 प्रतिशत लोगों की सरकार आप लोगों के बीच झगड़ा कराकर आपका आरक्षण खत्म करने की तैयारी कर रही है। चुनाव से पहले ‘मेरा डीएनए ओबीसी है’ कहने वाली सत्तारूढ़ पार्टी की आलोचना करते हुए, वडेट्टीवार ने कहा कि आप उन 374 ओबीसी जातियों को कैसे भूल गए, जिन्होंने आपको कुर्सी पर बैठाया? आप सिर्फ एक व्यक्ति के भरोसे चुने गए और अब इसी समुदाय के साथ अन्याय करने का साहस दिखा रहे हैं।”
विदर्भ के साथ अन्याय
वडेट्टीवार ने मराठा समुदाय को ओबीसी प्रमाणपत्र देने के फैसले से ओबीसी नौकरियों पर पड़ने वाले असर के बारे में बात करते हुए सीधे आरोप लगाया कि जो भर्तियां हो रही हैं, उनमें ओबीसी कहीं नजर नहीं आएगा। विदर्भ में भरे जा रहे सभी पद मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र के मराठा समुदाय ने ओबीसी प्रमाणपत्र हासिल करके हासिल किए हैं। नागपुर निगम की भर्ती का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “एक भी स्थानीय व्यक्ति को नौकरी नहीं मिल रही है। विदर्भ के किसी भी व्यक्ति को एक भी नौकरी नहीं दी गई है। नौकरियां खत्म की जा रही हैं।
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विधायकी जाए चूल्हे में
वडेट्टीवार ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने 2 सितंबर को जो सरकारी आदेश जारी किया है, उसे पढ़कर आपको पता चल जाएगा कि ये कैसे ढोंगी लोग हैं। उन्होंने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कहा कि भले ही मेरा विधायक का दर्जा खत्म हो जाए, मुझे कोई दिक्कत नहीं। लेकिन यदि मेरी 374 जातियों के साथ अन्याय होगा तो वडेट्टीवार मैदान में जरूर उतरेगा। सत्ता आज है, कल नहीं; लेकिन ओबीसी भाइयों की रक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा, हमारा पहला काम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मार्च का उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि सरकार का ‘शुद्धिकरण’ है।
