संजय दत्त की एक गलती से गई 257 लोगों की जान? उज्जवल निकम का सनसनी खेज खुलासा
Ujjwal Nikam On Sanjay Dutt: विशेष अभियोजक और राज्यसभा के मनोनीत सदस्य उज्ज्वल निकम ने एक इंटरव्यू में 1993 के मुंबई बम धमाकों और बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त को लेकर एक चौंकाने वाला दावा किया है।
- Written By: आकाश मसने
मुंबई बम ब्लास्ट: संजय दत्त व उज्ज्वल निकम (डिजाइन फोटो)
Mumbai Bomb Blast: विशेष अभियोजक और राज्यसभा के मनोनीत सदस्य उज्ज्वल निकम ने हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान 1993 के मुंबई बम धमाकों और बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के बारे में एक चौंकाने वाला दावा किया है। 12 मार्च 1993 को मुंबई में 13 बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई। इस भयावह घटना के 32 साल बाद बड़ा खुलासा हुआ है। निकम ने कहा कि अगर संजय दत्त ने अपना मुंह खोला होता, तो मुंबई शहर बम धमाकों से नहीं दहलता और 257 लोगों की जान नहीं जाती।
1993 के बम धमाकों सहित कई हाई-प्रोफाइल आतंकी मामलों में विशेष सरकारी वकील रहे उज्ज्वल निकम ने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि बम धमाके से एक दिन पहले अबू सलेम हथियारों से भरी एक वैन संजय दत्त के घर लाया था।
संजय दत्त ने पुलिस काे नहीं बताया
अभिनेता संजय दत्त ने उसमें से कुछ हथगोले और बंदूकें उठाई थीं, हालांकि उन्होंने सिर्फ़ एके-47 बंदूक अपने पास रखी और बाकी सब वापस कर दिया। अगर संजय दत्त ने पुलिस को उस हथियारों से लदी वैन के बारे में सूचित किया होता, तो पुलिस जांच करती और 12 मार्च 1993 को मुंबई में हुए बम धमाके को रोका जा सकता था।
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उज्ज्वल निकल ने कहा कि पुलिस को सूचित न करना ही इतने बड़े आतंकवादी हमले को अंजाम देने का कारण बना। संजय दत्त की चुप्पी के कारण कई लोगों की जान चली गई।
संजय दत्त को हुई थी 5 साल की सजा
आपको बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त को अवैध हथियार रखने के आरोप में टाडा के तहत गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, बाद में उन्हें केवल आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया और पांच साल जेल की सज़ा सुनाई गई। अभिनेता ने यह सज़ा पुणे की यरवदा जेल में पूरी की। उन्हें 2016 में रिहा कर दिया गया।
जेल से बाहर आते संजय दत्त (सोर्स: सोशल मीडिया)
कोर्ट का फैसला बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे संजय
इंटरव्यू के दौरान निकम ने यह भी बताया कि जब संजय दत्त को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया तो उन्होंने उनसे क्या कहा था। निकम ने बताया कि मैंने उनके हाव-भाव बदलते देखे। मुझे लगा कि वह सदमे में हैं। वह फैसला बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे और उनका चेहरा कांप रहा था।
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उज्ज्वल निकम ने बताया कि मैंने कटघरे में खड़े संजय दत्त से कहा, “संजय, ऐसा मत करो। मीडिया तुम्हें देख रहा है। तुम एक अभिनेता हो। अगर तुम सज़ा से डरे हुए दिखोगे, तो लोग तुम्हें दोषी मानेंगे। तुम्हारे पास अपील करने का मौका है।” जवाब में दत्त ने “जी सर, जी सर” कहा और फिर चुप होकर चले गए।
राज्यसभा के लिए मनोनित सदस्य उज्ज्वल निकम ने यह भी दावा किया कि संजय दत्त निर्दोष हैं। उन्होंने बंदूक सिर्फ़ इसलिए रखी क्योंकि उन्हें हथियारों का शौक था। हालांकि कानून की नज़र में उन्होंने अपराध किया था, लेकिन असल में वे एक साधारण इंसान हैं। संजय के पास एके-47 थी, लेकिन उन्होंने कभी उसका इस्तेमाल नहीं किया।
