मातोश्री की आपातकालीन बैठक में क्या हुआ? नगरसेवकों को बागी होने से रोकने के लिए आदित्य ठाकरे ने उठाए क्या कदम
Uddhav Thackeray Aditya Matoshree Meeting: 6 सांसदों के शिंदे गुट में जाने के बाद उद्धव ठाकरे ने नगरसेवकों को रोकने के लिए आपातकालीन बैठक की। आदित्य ठाकरे ने संभाली कमान।
- Written By: अनिल सिंह
आदित्य ठाकरे (फोटो क्रेडिट-X)
Aditya Thackeray Matoshree Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति में 6 सांसदों के अचानक पाला बदलकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के बाद उद्धव ठाकरे गुट को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। इस भारी राजनीतिक नुकसान के बाद अब शिवसेना यूबीटी के बचे हुए विधायकों और मुंबई महानगरपालिका के नगरसेवकों के भी बागी होने की प्रबल आशंकाएं गहरा गई हैं।
इस संभावित बिखराव को समय रहते रोकने और बड़े पैमाने पर ‘डैमेज कंट्रोल’ करने के उद्देश्य से ठाकरे परिवार ने अपनी पूरी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में गुरुवार (9 जुलाई) को ठाकरे परिवार के निजी आवास ‘मातोश्री’ पर एक बेहद महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक बुलाई गई, जिसकी कमान खुद युवा सेना प्रमुख और विधायक आदित्य ठाकरे ने संभाली।
नगरसेवकों को पाला बदलने से रोकने की बड़ी चुनौती
हाल ही में पार्टी के 6 लोकसभा सांसदों द्वारा एक साथ उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर शिंदे खेमे में शामिल होने की घटना ने पार्टी की जड़ों को हिलाकर रख दिया है। इस टूट के बाद जमीनी स्तर के जनप्रतिनिधियों, विशेषकर मुंबई के पूर्व नगरसेवकों में भारी असमंजस और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
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राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, शिंदे गुट की नजर अब बीएमसी के उन पार्षदों पर है जो शिवसेना यूबीटी में हैं। इसी खतरे को भांपते हुए उद्धव ठाकरे ने अपनी कोर टीम को सक्रिय किया और नगरसेवकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के लिए ‘मातोश्री’ के दरवाजे खोल दिए, ताकि किसी भी तरह के आंतरिक असंतोष को बातचीत के जरिए तुरंत दबाया जा सके।
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जनहित के मुद्दों पर आक्रामक होने की रणनीति
गुरुवार को हुई इस उच्चस्तरीय आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता आदित्य ठाकरे ने की। इस बैठक में मुख्य रूप से मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र से जुड़े विभिन्न नागरिक मुद्दों, मानसून के दौरान जलभराव और बुनियादी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
सूत्रों के मुताबिक, आदित्य ठाकरे ने बैठक में मौजूद सभी नगरसेवकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सत्ता के लालच में न आएं और जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत रखें। आदित्य ने कहा, “पिछले एक हफ्ते के दौरान मूसलाधार बारिश के चलते मुंबई में कई गंभीर हादसे हुए हैं और आम मुंबईकरों को बिजली, सड़क और जलभराव जैसी अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। आप सभी इन मुद्दों को लेकर बीएमसी प्रशासन और सत्तारूढ़ शिंदे-बीजेपी गठबंधन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाएं।”
ठाकरे परिवार का नया प्लान
बैठक के दौरान आदित्य ठाकरे ने नगरसेवकों को सलाह दी कि वे अपने-अपने वार्डों और विभागों की सभी प्रमुख समस्याओं की एक विस्तृत सूची तैयार करें और उन्हें प्रभावी ढंग से महानगरपालिका के सदन व मीडिया के सामने उठाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी को एकजुट रखने का एकमात्र तरीका जनता की आवाज बनना है।
ठाकरे परिवार की इस नई रणनीति के तहत, नगरसेवकों को यह अहसास कराया जा रहा है कि पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। आदित्य ने कड़े शब्दों में कहा कि पिछले सप्ताह शहर की जो बदहाली रही, उसे लेकर नगरसेवक सीधे सत्तारूढ़ पक्ष से जवाब मांगें और प्रशासन को पूरी तरह जवाबदेह बनाएं। सांसदों की बगावत के बाद अब विधायकों और नगरसेवकों की इस फेंसिंग को मजबूत करने के लिए खुद उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे जमीनी स्तर पर हर एक नेता की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं।
