CBI-DRI का बड़ा एक्शन: महाराष्ट्र-बंगाल में वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 53 दुर्लभ जीवों का किया रेस्क्यू
CBI DRI Wildlife Operation: सीबीआई, डीआरआई और डब्ल्यूसीसीबी ने संयुक्त कार्रवाई कर महाराष्ट्र-बंगाल में वन्यजीव तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। स्लो लोरिस समेत 53 दुर्लभ जीव रेस्क्यू किए गए।
- Written By: रूपम सिंह
CBI प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Wildlife Smuggling Racket Busted: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) मुंबई और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) ने संयुक्त अभियान चलाकर वन्यजीव तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में की गई इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीवों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, डीआरआई मुंबई को एक अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी सिंडिकेट के सक्रिय होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद सीबीआई, डीआरआई और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो ने संयुक्त रणनीति बनाकर दोनों राज्यों में एक साथ छापेमारी की।
कई दुर्लभ प्रजातियों के जीव बरामद
संयुक्त अभियान के दौरान कुल 15 स्लो लोरिस, 2 बिंटूरॉन्ग, 28 स्टार कछुए, 6 इजिप्शियन गिद्ध और 2 शिकरा पक्षी बरामद किए गए। सभी जीवों को सुरक्षित रेस्क्यू कर संबंधित वन विभाग और विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है।
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सर्वोच्च कानूनी संरक्षण वाली प्रजातियां
अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए सभी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 (Schedule-I) के अंतर्गत आते हैं। इस श्रेणी में शामिल प्रजातियों को भारत में सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है और इनके शिकार, व्यापार या तस्करी पर कड़े दंड का प्रावधान है।
तस्करी नेटवर्क की जांच जारी
जांच एजेंसियां अब इस अंतरराज्यीय तस्करी सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से वन्यजीवों की अवैध तस्करी में शामिल बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बरामद वन्यजीवों को देश के भीतर या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था।
