Lymphatic filariasis elimination campaign (सोर्सः सोशल मीडिया)
Lymphatic Filariasis Elimination Campaign: महाराष्ट्र सहित पूरे देश में हाथी रोग (लिम्फेटिक फाइलेरियासिस) के उन्मूलन के लिए ‘ट्रिपल ड्रग थेरेपी’ (आईडीए) यानी आइवरमेक्टिन, डीईसी और एल्बेंडाजोल के संयुक्त उपचार को तेज गति से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2027 तक भारत से हाथी रोग को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है और इस अभियान में राज्य सरकार पूरी सक्रियता से भागीदारी निभा रही है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि वर्ष 2017 में महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बना जिसने विदर्भ के जिलों को इस उपचार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता देने की केंद्र से मांग की थी। इससे विदर्भ के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के माध्यम से देश के 12 राज्यों में ‘मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन’ (एमडीए) अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें महाराष्ट्र भी शामिल है।
राज्य में गडचिरोली, भंडारा, चंद्रपूर सहित कुल 18 जिलों में इस रोग का प्रकोप है। फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कुल मामलों में से लगभग 75 प्रतिशत मरीज अकेले नागपुर संभाग में हैं। राज्य सरकार ने करीब 55 लाख नागरिकों को इस उपचार का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि नागपूर ग्रामीण क्षेत्र में देखी गई है, जहां सूक्ष्मजीव प्रसार दर (एमएफ रेट) वर्ष 2014 के 4.91 प्रतिशत से घटकर 2024 तक एक प्रतिशत से भी कम रह गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, आईडीए उपचार परजीवी (माइक्रोफाइलेरिया) को कम करने में अधिक प्रभावी है, जिससे रोग का प्रसार जल्दी रोका जा सकता है। राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न देकर स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में यह दवाएं अवश्य लें।