Mumbai infrastructure project (सोर्सः सोशल मीडिया)
Thane Borivali Twin Tunnel Project: मुंबई, ठाणे एवं मुंबई के उपनगर बोरीवली के बीच की दूरी को कम करने वाली ठाणे-बोरीवली अंडरग्राउंड रोड टनल प्रोजेक्ट को अब रफ़्तार मिलने वाली है। इस ट्वीन टनेन प्रोजेक्ट के लिए नई टनेल बोरिंग मशीन (TBM) नायक की लॉन्चिंग मंगलवार को की गई। इस बहुद्देश्यीय प्रोजेक्ट की टीबीएम लॉन्चिंग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के हांथों की गई।
संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे से बनाए जा रहे इस ट्वीन टनेल के एक हिस्से का काम पिछले वर्ष ही शुरु हुआ था। अब दूसरे टनेल के लिए नायक नाम की टीबीएम मशीन की लांचिंग की गई। सांसद नरेश म्हस्के, विधायक निरंजन डावखरे, संजय केलकर, ठाणे की महापौर शर्मिला पिंपलोलकर, एमएमआरडीए आयुक्त डॉ संजय मुख़र्जी सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।
ठाणे बोरीवली टनेल प्रोजेक्ट कई मायनों में अनोखा है। यह सबसे लंबा टनेल होने के साथ 6 लेन का सबसे चौड़ा रोड टनेल भी होगा। प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 11.84 किमी है,जिसमें टनल की लंबाई 10.25 किमी है। बोरीवली की तरफ से 5.75 km ठाणे की तरफ से 6.09 km है। लिंक रोड की लंबाई 1.59 किमी है। संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे दो पैरेलल टनल होने से प्रोजेक्ट को SBWL, NBWL, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट क्लीयरेंस, FRA क्लीयरेंस और इको-सेंसिटिव ज़ोन क्लीयरेंस जैसी सभी बड़ी कानूनी मंज़ूरियां लेनी पड़ी हैं।
चूंकि टनल का स्ट्रक्चर पूरी तरह से अंडरग्राउंड है, इसलिए यह पक्का किया गया है कि बायोडायवर्सिटी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा लगभग 11,000 पेड़ लगाए जाएँगे। यह प्रोजेक्ट आने वाले ‘ठाणे कोस्टल रोड’ और दूसरे बड़े रीजनल रोड नेटवर्क के साथ जुड़ा हुआ है।
ठाणे से घोडबंदर होते हुए बोरीवली जाने में लगभग डेढ़ घन्टे लग जाते हैं। यह रोड टनेल बनने से न सिर्फ दूरी आधी रह जाएगी बल्कि बिना ट्रैफिक के वाहन मात्र 15 मिनट में मुंबई पहुंच सकेंगे। नासिक, कल्याण और नवी मुंबई से आने वाली गाड़ियां ठाणे शहर को बायपास करके सीधे टनल में जा सकेंगी। बोरीवली की तरफ़ फ़्लाईओवर से कनेक्शन होने से दहिसर, अंधेरी और बोरीवली वेस्ट की तरफ़ आसानी से कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी।
यह भारत की सबसे गहरी शहरी टनल होगी जो इंजीनियरिंग के फ़ील्ड में एक मील का पत्थर साबित होगी। पर्यावरण के लिहाज़ से सेंसिटिव इलाकों के नीचे डबल-ट्यूब अंडरग्राउंड रूट के तौर पर बनाया गया है। छह-लेन की फ़ैसिलिटी (3+3 लेन) के तौर पर डिज़ाइन किया गया है।
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हर टनल में: 2 ट्रैफिक लेन + 1 इमरजेंसी लेन बनेगा। सेफ्टी और फंक्शनैलिटी पर विशेष ध्यान देते हुए हर 300 मीटर पर क्रॉस पैसेज, एडवांस्ड वेंटिलेशन और फायर प्रोटेक्शन सिस्टम स्मोक डिटेक्टर, LED लाइटिंग और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड होंगे। डंपर ट्रकों के लिए खास लेन और 7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड होगी।
TBM का इस्तेमाल कर बनाई जा रही इस टनेल के लिए ठाणे की तरफ ‘नायक’ और ‘अर्जुन’ नाम की दो TBMs हैं। इनकी लंबाई 90 मीटर और वज़न 2,500 टन है। कटरहेड का डायमीटर 13.34 m जो मुंबई में इस्तेमाल होने वाले सबसे बड़े कटरहेड्स में से एक है। मशीन कूलिंग और धूल को दबाने के लिए 18 वॉटर नोजल से लैस है।