Nashik Tata Consultancy Services Case: प्रियंका चतुर्वेदी का कंपनी पर हमला, यौन उत्पीड़न आरोपों पर उठाए सवाल
Nashik Tata Consultancy Services दफ्तर में महिला कर्मचारियों के कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोपों पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कंपनी के रवैये को गैरजिम्मेदार बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रियंका चतुर्वेदी (सौ. सोशल मीडिया )
Priyanka Chaturvedi On Nashik TCS Case: नासिक स्थित आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) के दफ्तर में महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है।
राज्यसभा की पूर्व सांसद Priyanka Chaturvedi ने इस मुद्दे पर Tata Consultancy Services के रवैये की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा जारी प्रेस नोट में गंभीर आरोपों के बावजूद बेपरवाह दृष्टिकोण दिखाई देता है, जो एक प्रतिष्ठित कंपनी के लिए निराशाजनक है।
सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पिछले कुछ वर्षों से महिलाओं के यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोप सामने आ रहे हैं, लेकिन कंपनी की प्रतिक्रिया इन मामलों को गंभीरता से लेने के बजाय औपचारिक नजर आती है।
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Tata Consultancy Services कंपनी के रवैये पर उठे सवाल
चतुर्वेदी ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में कंपनियों को पारदर्शिता और जवाबदेही दिखानी चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि आरोप सही हैं तो यह न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा का मामला है, बल्कि कॉर्पोरेट संस्कृति पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले को लेकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है और इस मुद्दे पर सरकार तथा संबंधित एजेंसियों से हस्तक्षेप की अपेक्षा की जा रही है।
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कॉर्पोरेट सेक्टर में सुरक्षा पर बहस
इस विवाद के बाद कॉर्पोरेट सेक्टर में महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसे मुद्दों पर फिर से चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों को आंतरिक शिकायत निवारण तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
