सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, टीटीसी एमआईडीसी में प्रॉपर्टी टैक्स वसूलेगी सिर्फ नवी मुंबई मनपा
Navi Mumbai TTC MIDC Property Tax: सुप्रीम कोर्ट ने नवी मुंबई महानगरपालिका को टीटीसी एमआईडीसी क्षेत्र में प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का वैध अधिकार देते हुए बड़ा फैसला सुनाया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
सुप्रीम कोर्ट प्रॉपर्टी टैक्स रूलिंग नवी मुंबई मनपा (सौ. सोशल मीडिया )
Navi Mumbai TTC MIDC Property Tax Rulling News: सुप्रीम कोर्ट ने नवी मुंबई के टीटीसी एमआईडीसी के उन लघु उद्योजकों को जोरदार झटका दिया है, जो नवी मुंबई महानगरपालिका के प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के अधिकार को चुनौती देकर मनपा के लिए मुश्किल खड़ी करने की कोशिश कर रहे थे और जो ‘डबल टैक्स’ के नाम पर छोटे कारोबारियों को गुमराह कर रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आखिरी फैसले में साफ कर दिया है कि टीटीसी एमआईडीसी इलाके में प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए नवी मुंबई मनपा ही एकमात्र ‘सक्षम प्राधिकरण’ है। इस ऐतिहासिक फैसले से पिछले 16 सालों से रुका हुआ टैक्स कलेक्शन का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है, जिसके चलते करोड़ों रुपये मनपा के खजाने में जमा हो जाएंगे।
क्या नवी मुंबई मनपा के अधिकार क्षेत्र का है सवाल
बता दें कि कुछ लोगों ने स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की आड़ में हास्यस्पद सवाल उठाया था कि क्या टीटीसी एमआईडीसी का इलाका नवी मुंबई मनपा के अधिकार क्षेत्र में आता है?
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हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एक्ट 1961 और एमआरटीपी एक्ट के कानून को बताता हुए साफ किया कि ठाणे-बेलापुर एमआईडीसी का पूरा इलाका नवी मुंबई महानगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है। कोर्ट ने दो अलग अलग मुद्दों ‘टैक्स’ और ‘फीस’ पर अपनी राय रखी है। कोर्ट ने कहा कि टैक्स लगाने का अधिकार सिर्फ नवी मुंबई मनपा के पास है।
प्रॉपर्टी टैक्स का मामला, जो डेढ़ दशक से ज्यादा समय से कोर्ट में पेंडिंग था, अब सुलझ गया है। मनपा इस आय के दम पर नवी मुंबई को वर्ल्ड-क्लास स्टैंडर्ड पर डेवलप कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले का सम्मान करते हुए, सभी लघु उद्यमियों को तुरंत अपना प्रॉपटी टैक्स देना चाहिए और नवी मुंबई के डेवलपमेंट को नई रफ्तार देने में योगदान देना चाहिए।
-डॉ कैलाश शिंदे, आयुक्त, नवी मुंबई मनपा
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कानून का चला चाबुक, मनपा के अधिकार बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र नगर निगम एक्ट के सेक्शन 127 और 128 ए का हवाला देते हुए साफ किया कि टीटीसी एमआईडीसी इलाके में टैक्स लगाने का अधिकार कानूनी तौर पर नवी मुंबई महानगरपालिका का है। कोर्ट के इस फैसले से टीटीसी एमआईडीसी के लघु उद्योजकों द्वारा नवी मुंबई मनपा को प्रॉपर्टी टैक्स के तौर पर मिलने वाली आय को हड़पने की सभी योजनाएं नाकाम हो गई है। कोर्ट के फैसले के बाद टैक्स नहीं देने वाले लघु उद्योजकों के खिलाफ नवी मुंबई मनपा अब कानूनी तौर से एक्शन ले सकती है।
