ठाणे स्टेशन की कैंटीन में यात्रियों की सेहत से खिलवाड़! सांसद नरेश म्हस्के ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
Thane Station Canteen Controversy: ठाणे स्टेशन की कैंटीन में सड़ी सब्जियां और एक्सपायरी सामान मिलने से बवाल। सांसद नरेश म्हस्के ने यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ पर DRM से की कड़ी कार्रवाई की मांग।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: गोरक्ष पोफली
DRUCC सदस्य संजीव कुलकर्णी ने किया निरीक्षण (सोर्स: नवभारत फोटो)
Thane Station Canteen Food Quality Issue: ठाणे रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर स्थित रेलवे की अधिकृत कैंटीन ‘ऑरिजिन’ में यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किए जाने का मामला प्रकाश में आने से बवाल मच गया है।
सांसद नरेश म्हस्के के निर्देश पर सेंट्रल रेलवे के DRUCC सदस्य संजीव कुलकर्णी और शिवसेना ठाणे शहर विधानसभा समन्वयक प्रकाश पायरे ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण में शिकायतें सही पाई गईं।
कार्रवाई की मांग
इसके बाद सांसद नरेश म्हस्के ने मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक को लिखित निवेदन देकर संबंधित ठेकेदार पर तत्काल कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। बताया गया कि कैंटीन निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कैंटीन और किचन परिसर बेहद गंदा था और FSSAI के नियमों का पालन नहीं हो रहा था। एक्सपायरी हो चुके शीतल पेय और खाद्य पदार्थ बिक्री के लिए रखे गए थे।
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कीड़े लगे और सड़े हुए सब्जियां इस्तेमाल की जा रही थीं।खाना बनाने के लिए बार-बार इस्तेमाल किया हुआ जला हुआ तेल प्रयोग में लाया जा रहा था। कैंटीन में पंखे बंद होने से उमस और दुर्गंध का माहौल था, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही थी। सबसे गंभीर बात यह रही कि इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद मौके पर संबंधित ठेकेदार या कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था।
गुणवत्ता से न हो समझौता
सांसद नरेश म्हस्के ने अपने निवेदन में कहा कि यात्रियों के स्वास्थ्य से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने मांग की कि दोषी ठेकेदार पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए। सांसद ने चेतावनी दी कि रेलवे की अधिकृत कैंटीनों में साफ-सफाई और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना रेलवे की जिम्मेदारी है।
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रेलवे प्रशासन क्या कदम उठाएगा?
इस औचक निरीक्षण और सांसद की इस सख्त चेतावनी के बाद अब देखना यह होगा कि मध्य रेलवे प्रशासन इस लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ क्या कदम उठाता है। स्टेशन पर रोजाना लाखों यात्रियों का आना-जाना होता है, ऐसे में रेलवे कैंटीन की यह बदहाली न सिर्फ प्रशासन के दावों पर सवालिया निशान लगाती है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को भी ताक पर रखती है। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को उम्मीद है कि इस शिकायत के बाद कैंटीन में साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता में जल्द ही बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
