एमवीए शासन के दौरान झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया गया, एसआईटी रिपोर्ट से संकेत: फडणवीस
Devendra Fadnavis:महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एसआईटी रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार के दौरान उन्हें झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पूर्व पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला द्वारा प्रस्तुत विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के दौरान उन्हें झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया गया था।
उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में सुझाव दिया गया था कि तत्कालीन डीजीपी संजय पांडे, पुलिस उपायुक्त लक्ष्मीकांत पाटिल और सहायक पुलिस आयुक्त सरदार पाटिल ने ठाणे नगर थाने में 2016 में दर्ज वसूली मामले की पुनः जांच करके फडणवीस (जो उस समय विधानसभा में विपक्ष के नेता थे) और वर्तमान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (जो उस समय मंत्री थे) को फंसाने की साजिश रची।
एमवीए शासन के दौरान प्रतिशोध की राजनीति
सूत्रों के अनुसार, शुक्ला ने इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश भी की थी।एसआईटी रिपोर्ट से जुड़े एक सवाल के जवाब में फडणवीस ने शनिवार शाम पत्रकारों से कहा, “एमवीए शासन के दौरान प्रतिशोध की राजनीति इस बात से स्पष्ट हो गई है कि मुझे झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया गया था।”
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2017 में मामले में आरोप पत्र दाखिल
वर्ष 2016 में श्यामसुंदर अग्रवाल और उनके पूर्व व्यापारिक साझेदार रियल एस्टेट डेवलपर संजय पुनामिया के बीच विवाद के बाद ठाणे नगर थाने में श्यामसुंदर अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। 2017 में इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
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एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार, ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार के सत्ता में रहने के दौरान राज्य पुलिस बल के प्रमुख रहे संजय पांडे ने इस मामले की पुनः जांच का आदेश दिया। फडणवीस ने कहा कि इस घटना से एमवीए शासन के दौरान राजनीति में प्रतिशोध की प्रवृत्ति और झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश स्पष्ट होती है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
