‘अब चलेगा ऑपरेशन वोल्फ’, उद्धव ठाकरे की बैठक से गायब सांसदों को लेकर संजय राउत का पलटवार
Operation Tiger vs Operation Wolf: महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल; Shiv Sena UBT की आपात बैठक से 5 सांसद नदारद, संजय राउत ने बगावत की खबरों को नकारा। बोले- अब चलेगा ऑपरेशन वोल्फ।
- Written By: अनिल सिंह
उद्धव की बैठक से गायब सांसदों पर संजय राउत की सफाई (फोटो क्रेडिट-X)
Shiv Sena UBT MPs Absent Uddhav Thackeray Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े सियासी उलटफेर और अंदरूनी कलह की सुगबुगाहट तेज हो गई है। एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना द्वारा ‘ऑपरेशन टाइगर’ चलाए जाने और सांसदों के पाला बदलने की खबरों के बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को मुंबई स्थित अपने आवास ‘मातोश्री’ में पार्टी के लोकसभा सांसदों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण आपात बैठक बुलाई थी। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में पार्टी के सभी 9 लोकसभा सांसदों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था, लेकिन मातोश्री के भीतर सिर्फ 4 सांसद ही शारीरिक रूप से पहुंचे।
बैठक से अचानक 5 सांसदों के व्यक्तिगत रूप से नदारद रहने के बाद महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या उद्धव ठाकरे की शिवसेना में एक बार फिर से कोई बड़ी बगावत होने जा रही है।
बगावत की खबरें बेबुनियाद
मातोश्री में व्यक्तिगत रूप से केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई, संजय दीना पाटिल और राजाभाऊ वाजे ही उपस्थित हुए। पांच सांसदों की गैरमौजूदगी पर उठे कड़े सवालों के बीच वरिष्ठ नेता अनिल देसाई और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने तुरंत मोर्चा संभाला। अनिल देसाई ने स्पष्ट किया कि यह एक नियमित संगठनात्मक बैठक थी और इसमें किसी भी तरह की कोई बगावत नहीं है। उन्होंने मीडिया के दावों को खारिज करते हुए कहा कि 4 सांसद व्यक्तिगत तौर पर मौजूद थे, जबकि बाकी 5 सांसदों ने अपने कुछ अपरिहार्य व्यक्तिगत कारणों के चलते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअली) के जरिए अपनी शत-प्रतिशत हाजिरी दर्ज कराई है।
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बैठक में क्यों नहीं पहुंचे सांसद
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता अरविंद सावंत ने मीडिया के सामने आकर बैठक से शारीरिक रूप से दूर रहे सांसदों की मजबूरियों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। उन्होंने बताया कि परभणी के सांसद संजय जाधव ने खुद सीधे उद्धव ठाकरे से फोन पर लंबी बात की है और आगामी दो दिनों में वे मातोश्री आकर व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबाळकर के बेटे की तबीयत खराब होने के कारण वे अस्पताल में हैं, शिरडी के सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे की पत्नी बीमार हैं, यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख के घर पर बेटी की शादी का समारोह है और हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल आष्टेकर स्थानीय विधान परिषद चुनावों में अत्यधिक व्यस्त हैं, जिसके कारण ये सभी नेता केवल डिजिटल माध्यम से ही जुड़ सके।
‘हम चलाएंगे ऑपरेशन वोल्फ’
उद्धव ठाकरे के कुछ सांसदों के लगातार एकनाथ शिंदे और केंद्रीय मंत्रियों से गुप्त मुलाकातें करने की खबरों ने बीते कई दिनों से माहौल गर्म कर रखा है। शिंदे गुट के दावों पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए संजय राउत ने कहा कि हमारे सांसदों को डराने या प्रलोभन देने की सारी कोशिशें नाकाम साबित होंगी। राउत ने विपक्षी गठबंधन को चुनौती देते हुए कहा, “आप किस ‘ऑपरेशन टाइगर’ की बात कर रहे हैं? हमारे पास कोई चूहे नहीं बल्कि सब सच्चे शेर हैं। अब हम विरोधियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन वोल्फ’ की शुरुआत करने जा रहे हैं।” बहरहाल, पार्टी नेतृत्व भले ही ऑल इज वेल का दावा कर रहा हो, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन 5 सांसदों की दूरी आगामी मानसून सत्र से पहले किसी बड़े सियासी तूफान का संकेत भी हो सकती है।
