प्रधानमंत्री भगवान नहीं... छात्रों के खिलाफ FIR पर भड़के सौरव दास, कहा- मजाक लोकतंत्र का हिस्सा

CJP Protest FIR Controversy: जंतर-मंतर आंदोलन खत्म होने के बाद CJP ने छात्रों पर FIR, डिटेंशन और पुलिस कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। संगठन का दावा है कि सरकार ने कार्रवाई न करने का वादा किया था।
Sourav Das CJP
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास (सोर्स- सोशल मीडिया)
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CJP Allegations: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन अब खत्म हो चुका है, लेकिन इसे लेकर बयानबाजी का दौर अभी भी जारी है। इसी बीच सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली समेत भारत शासित राज्यों की पुलिस पर छात्रों को धमकाने का आरोप लगाया है। सौरव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार ने हमसे वादा किया था कि छात्रों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होगी।  सीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हमारे साथ हुई प्रेस कांफ्रेंस में सरकार की ओर से हमें भरोसा दिलाया गया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं होगी, दो FIR दर्ज हो चुकी है उन्हें वापस लिया जाएगा और भविष्य में भी उनके विरुद्ध बदले की भावना से कोई कानूनी कार्यवाही नहीं होगी। हमें सरकार से यह लिखित में देने को कहा था, जिसका कल आखिरी दिन है।

छात्रों के किया जा रहा डिटेन

सौरव दास ने कहा कि, हमें देश के कई राज्यों से जानकारी मिल रही है कि काफी क्रैकडाउन किया हो रहा है। बच्चों को बड़ी संख्या में डिटेन किया जा रही है। भारी संख्या में छात्रों के खिलाफ FIR फाइल हो रही है। उन्होंने कहा कि, हमें बताया गया कि बिहार में अब तक 500 FIR दर्ज हुई है और बहुत कड़ी धाराएं लगाई गई हैं।  हम कहना चाहेंगे कि सरकार ने हमें जो गारंटी दिया था, उसे मजबूती से लागू किया जाना चाहिए। सरकार को देश के युवाओं से किया गया वादा निभाना चाहिए। हमने सरकार के सामने जो शर्तें रखी थी उसमें यह भी शामिल था कि दिल्ली ही नहीं जिन भी राज्यों में बीजेपी की सरकार है वहां भी ये लागू होना चाहिए। हम केंद्र सरकार के लेटर का इंतजार कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि सरकार कल तक हमारे पास वो लेटर आ जाएगा।

प्रधानमंत्री कोई भगवान नहीं

सौरव दास ने दिल्ली पुलिस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर छात्रों द्वारा कि गई भद्दी टिप्पणियों को हटाए  जाने को लेकर कहा कि, क्या ऑफेंसिव है? क्या कोई मजाक ऑफेंसिव है, कोई बयान ऑफेंसिव है। सौरव ने आगे कहा आपके लिए जो ऑफेंसिव है, शायद हमारे लिए नहीं। इसी प्रकार जो हमारे लिए गलत है, हो सकता है वो आपके लिए ना हो। अगर पुलिस को छूट दे दी गई तो इसे सेंसरशिप टूल की उपयोग करेगी। यदि किसी ने हल्का सा मजाक कर दिया प्रधानमंत्री के ऊपर, तो क्या प्रधानमंत्री भगवान हैं? यह लोकतंत्र का हिस्सा है, लोग तो मजाक करेंगे ही। लेकिन इसे अब हटाया जा रहा है।

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